खतौली। नगर के पार्श्वनाथ जैन मंदिर में अष्टान्हिका महापर्व के अवसर पर सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन धार्मिक व मांगलिक क्रियाओं के साथ किया गया। पवित्र मंत्रोचार के साथ अर्घ्य समर्पित करते हुए जिनेंद्र प्रभु का अभिषेक और पूजन किया गया। इस विधान का संयोजन सुरेंद्र जैन व प्रमोद जैन ने किया। विधान संयोजक ने बताया कि इस विधान का आयोजन 20 से 27 जुलाई तक है। इस महापर्व पर हमें जीवन में समता व मैत्री का भावधारण करना है। मन से क्रोध को दूर करने पर सहिष्णुता की भावना का विकास होता है। संसार का सुख भी शांति देता है, जब मन और आचरण धर्म से जुड़ा होता है। इन पर्वों पर स्वर्ग के देवता नंदीश्वर द्वीप की वंदना, पूजा, अर्चना के लिए जाते हैं। इस अवसर पर सुनीता, निधि, सोनी, प्रज्ञा, वंदना, मुकेश, दीपक मनीष, सतीश तिगाई, सुबोध, विपिन अरिहंत, श्रीपाल, प्रदीप अकलंक, नीरज बंटी, सुनील सर्राफ, दिनेश, मुकेश महलका, विवेक, निशांत, एलएम जैन, सुभाष, रिमा, आदीश, अशोक शास्त्री, प्रदीप टीकरी, अनुपम, रवि, डा. ज्योति, सपना, नीरज जैन, सपना आदि मौजूद रहे।