मुजफ्फरनगर (ब्यूरो)। एसडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में अंतरराष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस पर गोष्ठी का आयोजन हुआ। अधिशासी निदेशक डॉ. एसएन चौहान ने कहा कि विश्व पटल पर तकनीक ने दुनिया को एक ग्लोबल विलेज बना दिया है, वहीं आपस में नासमझी भी बढ़ी है। भिन्नता को स्वीकारना ही सहिष्णुता है। बहुलता में सहिष्णुता की परख होती है और अल्पता में साहस की। आरएसएस के सह प्रांत संपर्क प्रमुख जयपाल सिंह ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम हमारी संस्कृति है। भारत हमेशा से ही शांति और सहिष्णुता का दूत रहा है। मुख्य अतिथि जयंती बहन ने कहा कि आत्मा का न कोई रंग है न भेद न कोई जाति, वह तो सिर्फ परमपिता का अंश है। डॉ. ए कीर्तिवर्धन, होतीलाल शर्मा, राकेश कौशिक, ऋषिराज राही ने कहा कि भौतिक विकास के साथ संकीर्ण मानसिकता बढ़ी है। कार्यक्रम में डॉ एके गौतम, डॉ पारेश कुमार, आरटीएस पुंडीर, मनोज झा, नवीन द्विवेदी, अभिषेक राय, विवेक गुप्ता, विकास कुमार, आशीष बागला, मनोज कुमार, नेहा, मानसी, रुपाली, ऋषभ आदि रहे।