दोनों टीमें ने फाइनल में शानदार खेल का प्रदर्शन किया। मैच का पहला हाफ गोल रहित रहा। हालांकि दोनों टीमें ने आक्रमक खेल का प्रदर्शन किया। गोल के मौके मिले, लेकिन दोनों टीम गोल नहीं कर सकीं। दूसरे हाफ में में दोनों ही टीम के खिलाडियों ने आक्रमक खेल जारी रखा। दोनों टीमों ने एक दूसरे पर दबाव बनाने की कोशिश की। एक समय ऐसा लगा कि मैच का निर्णय टाइब्रेकर के जरिये ही निकलेगा। तभी जेडएफए की मध्य पंक्ति कि तेज तर्रार खिलाड़ी फलक ने शानदार गोल मार दिया। बाद में डीपीजीएस की टीम मैच में बराबरी नहीं कर सकी। इस तरह खेलो इंडिया विमेंस फुटबाल लीग की ट्राॅफी जेडएफए ने 1-0 से अपने नाम कर लिया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी छह टीमों के खिलाड़ियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों का स्वागत मैच कमिश्नर माधुरी देवी ने किया। सहायक सचिव आमिर मिर्जा ने सभी का आभार जताया। एसोसिएशन के महासचिव नासिर कमाल ने संचालन किया। मुहम्मद इमरान, राजकुमारी, निशिता सिंह, मुहम्मद वसीम, नावेद अहमद और राखी दिवाकर रेफरी की भूमिका में रहीं।
इस दौरान आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजेश सिंह, डीओएम चेतन तनेजा, डीपीजीएस के डायरेक्टर विंग कामांडर मंसूर सिद्दीकी, मुसर्रत हफीज, शारीक हुसैन, रिजवान पाशा, मीनू अरोड़ा, सुरेंदर पाल सिंह, निशा परवीन, अब्दुस्सलाम, सुखवीर सिंह आदि मौजूद रहे।