वर्ष 2011 से 2021 तक का जो मास्टर प्लान तैयार किया गया उसका जोनल प्लान नहीं बनाया गया। इसके चलते पिछले मास्टर प्लान के कई विकास कार्य नहीं हो सके। नया मास्टर प्लान-2031 पास होकर आने को है। आर्किटेक्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव रस्तोगी का कहना है कि शहर के भी मास्टर प्लान में दिए गए भू-उपयोग का सही इस्तेमाल तभी हो सकता है जब उसका जोनल प्लान बनाया जाए और उसे भी उसी प्रक्रिया के तहत स्वीकृत कराया जाए जो मास्टर प्लान में अपनाई जाती है। स्वीकृत जोनल प्लॉन के अनुसार ही विभिन्न भू-उपयोगों की सड़कों की चौड़ाई के अनुसार निर्माण एवं हरित पट्टी का विकास होगा।
जोनल प्लान नहीं बनने से यह नहीं हुआ
- लाकड़ी फाजलपुर के आसपास, संभल रोड, कांठ रोड पर सभी जगह औद्योगिक क्षेत्र दिखाया गया है। लेकिन इसका जोनल प्लान नहीं बनने से दस साल बीत जाने के बाद भी वहां मास्टर प्लॉन के अनुसार विकास नहीं हो पाया।
- पिछले मास्टर प्लान में नया मुरादाबाद सेक्टर दो, लोकोशेड से आगे दिल्ली रोड के आसपास के क्षेत्र को मास्टर प्लॉन में वाणिज्यिक दिखाया गया है। इसी प्रकार जहां-जहां वाणिज्यिक क्षेत्र दिखाया गया है, वहां कहीं भी जोनल प्लॉन न बनने से विकास सड़क के आसपास तक ही सीमित रह गया है।
- दिल्ली मार्ग पर दो बड़े शैक्षिक भू-उपयोग दिए गए हैं, लेकिन उनमें से एक का भी जोनल प्लॉन न बनने से शैक्षिक विकास नहीं हो पाया है।