रामपुर। सपा नेता आजम खां के खिलाफ दर्ज जातिसूचक शब्दों के प्रयोग के आरोप और डूंगरपुर से संबंधित दो मामलों में कोर्ट में गवाही हुई। तीनों मामलों में गवाहों की गवाही पूूरी हो गई है। अब कोर्ट ने सुनवाई के लिए 18 और 23 अगस्त की तारीख तय की है।
वर्ष 2007 में विधानसभा चुनाव के दौरान टांडा की जनसभा में आजम खां द्वारा जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए बसपा नेता धीरज कुमार शील ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। दूसरी ओर डूंगरपुर बस्ती के लोगों के साथ आजम खां के इशारे पर लूटपाट, मारपीट करने और बुलडोजर चलवाने के आरोप में थाना गंज में 12 मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें से दो मुकदमों की मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई थी।
डूंगरपुर के दो मामलों और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल से जुड़े केस की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई। जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के मामले में नगर पालिका के कर्मचारी नरेश ने गवाही दी। उनकी गवाही पूरी हो गई है। डूंगरपुर प्रकरण से संबंधित केस में वादी गुलनाज और नसीब जहां ने गवाही दी। दोनों की गवाही पूरी हो गई है। कोर्ट ने जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल वाले केस में 18 अगस्त और डूंगरपुर के दो मुकदमों में 23 अगस्त अगली सुनवाई की तारीख तय की है।