मुरादाबाद। बिजली विभाग की टीम को बंधक बनाने के मामले में पूर्व विधायक समेत पांच लोगों के खिलाफ दर्ज मामले में बुधवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। बिजली विभाग के तत्कालीन एसडीओ ने गवाही दर्ज कराते हुए घटना की पुष्टि की। जिसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 12 अप्रैल नियत की है।
मझोला थाने में 27 मई 2007 को तत्कालीन अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग संजीव कुमार गोयल ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा गया था कि विद्युत विभाग की टीम के साथ चेकिंग के लिए करूला स्थित अमान आइस फैक्टरी में गए थे। जहां बिजली चोरी का मामला सामने आया था। तब हाजी रिजवान कुरैशी, हाजी नन्हें, हाजी इकराम कुरैशी, हाजी इरफान और वसीम ने मिलकर विभाग के कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों को कमरे में बंद करके अमोनिया गैस छोड़ दी थी। जिससे बमुश्किल विभागीय कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों ने अपनी जान बचाई थी।
इस मामले में पुलिस ने विवेचना करने के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर दिया था। जिसका मुकदमा अब एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट एम पी सिंह की अदालत में चल रहा है। विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि मुकदमे में पांच आरोपियों में से हाजी नन्हें की मृत्यु हो चुकी है। शेष आरोपियों के खिलाफ बुधवार को विद्युत विभाग के तत्कालीन एसडीओ राजीव कुमार सिंह ने कोर्ट में आकर अपने बयान दर्ज कराए। एसडीओ राजीव कुमार वर्तमान में लखनऊ में चीफ इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। जिससे आरोपियों के वकील मोहम्मद अब्बास ने जिरह की। अब इस मामले में 12 अप्रैल को सुनवाई होगी।