नारी उत्थान केंद्र में काउंसिलिंग के जरिए पिछले एक साल से चला आ रहा पति-पत्नी का विवाद खत्म करा दिया। जिसमें तय हुआ है कि महिला अब बार बार अपने मायके नहीं जाएगी और दूसरों के घरों में चौका बर्तन भी नहीं करेगी। पति घर का पूरा खर्च उठाएगा। जिस पर दोनों सहमत हो गए और एक साथ रहने को तैयार हो गए।
मझोला थाना क्षेत्र के लाइन पार में रहने वाली महिला ने एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। जिसमें महिला ने बताया कि 13 साल पहले उसकी शादी नर्सरी में काम करने वाले युवक के साथ हुई थी। दंपती का 12 साल का एक बेटा है। पति आए दिन उसके साथ मारपीट करता और घर का खर्च चलाने के लिए पैसा नहीं देता है। एसएसपी कार्यालय से महिला के प्रार्थना पत्र को नारी उत्थान केंद्र भेज दिया गया था। यहां काउंसलर डॉ. पूनम बंसल ने पति-पत्नी की काउंसिलिंग की। जिसमें पति ने बताया कि पत्नी रोज अपने मायके जाती है।
इसके अलावा वह मना करने के बावजूद भी दूसरों के घरों चौका बर्तन करती है। जिस कारण वह देर रात तक घर पहुंचती है। महिला ने बताया कि वह मजबूरी में दूसरे लोगों के घरों में काम करने जाती है। अगर पति घर का खर्चा उठाएगा तो उसे काम करने क्यों जाना पड़ेगा। पति ने आश्वासन दिया है कि पति दूसरों के घरों में चौका बर्तन करना बंद कर दे और बार बार मायके नहीं जाए तो वह घर का पूरा खर्चा उठाने के लिए तैयार है। इस पर महिला भी राजी हो गई। नारी उत्थान केंद्र की प्रभारी स्वाति गोयल ने बताया कि पति-पत्नी काउंसिलिंग के बाद साथ रहने को तैयार हो गए हैं।