इस हत्याकांड को मझोला क्षेत्र में पांच अप्रैल 2019 को अंजाम दिया था। शिव कुमार रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। उनकी तैनाती मुरादाबाद में थी। वह परिवार के साथ मझोला क्षेत्र में लाइन पार रामतलैया स्थित रेलवे क्वार्टर में रहते थे। शिव कुमार की पहली पत्नी अमरवती का आठ साल पहले देहांत हो गया था। जिसके बाद शिव कुमार ने दूसरी शादी बरेली जिले के आंवला की रहने वाली नीतू से की थी।
शिव कुमार के बेटे अमन ने मझोला थाने में छह अप्रैल 20219 को केस दर्ज कराया था। जिसमें अमन ने बताया था कि उनके क्वार्टर के पास ही कटघर बीच होली का मैदान निवासी पल्लव अग्रवाल परचून की दुकान चलाता है। पल्लव से उसकी सौतेली मां नीतू आए दिन फोन पर बात करती थी। उसके पास मिलने के लिए भी जाती थी। मेरे पिता कई बार नीतू को मना कर चुके थे कि वह पल्लव से बात न करें और न ही उससे मिलने जाए।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा होता था। पिता को शक था कि नीतू और पल्लव अग्रवाल के बीच अवैध संबंध हैं। पांच अप्रैल की रात मैं और मेरी दादी एक कमरे में सो रहे थे, जबकि दूसरे कमरे में नीतू और मेरे पिता सो रहे थे। रात करीब बारह पिता के चीखने की आवाज आई थी। दादी पोते कमरे की ओर गए, तब देखा कि पल्लव और नीतू शिव कुमार को डंडे से मार रहे थे और वह जमीन पर गिरे थे।
दादी पोते के शोर मचाया तो नीतू और पल्लव धमकी देते हुए भाग गए थे। लेकिन तब तक शिव कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने एक जुलाई 2019 को अदालत में आरोप पत्र पेश किया था।
मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन विमल वर्मा की अदालत में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मधु रानी चौहान ने बताया कि इस मामले में अमन और उसकी दादी सुदामा के अतिरिक्त क्षेत्रवासियों ने भी घटना की पुष्टि की थी।
वहीं बचाव पक्ष की दलील थी कि उन्हें झूठा और रंजिश के चलते फंसाया गया है, लेकिन बचाव पक्ष अपनी दलील को अदालत में साबित नहीं कर पाया। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी नीतू और उसके प्रेमी पल्लव अग्रवाल को हत्या का दोषी करार देते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा के साथ प्रत्येक पर 27 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत ने माना जघन्य अपराध
मुरादाबाद। न्यायाधीश विमल वर्मा ने अपने चालीस पेज के विस्तृत आदेश में कहा कि यह एक जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। दोषियों ने अपने अपराध को छिपाने के लिए इस जघन्य हत्या को अंजाम दिया था।
इनके इस अपराध को माफ नहीं किया जा सकता। दोषियों के पक्ष में ऐसा कोई भी तथ्य नहीं पाया गया, जिससे उनके अपराध की गंभीरता को कम करें। शिव कुमार, नीतू का पति था। उसे नीतू और पल्लव ने मिलकर डंडे से पीटकर उसकी हत्या कर दी थी जो कि गंभीर प्रवृत्ति के अपराध का बोध कराती है। ऐसी स्थिति में आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा उचित प्रतीत होती है।