मुरादाबाद। बहुचर्चित सीए श्वेताभ तिवारी हत्याकांड और विहिप नेता पर हुए जानलेवा हमले के मामले में सोमवार को अदालत में पेश होकर गवाही दी गई। जिसमें सीए के साले ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए हैं। जबकि जानलेवा हमले के मामले में विहिप नेता ने कोर्ट में पहुंचकर बयान दर्ज कराए। अदालत ने गवाहों से जिरह करने के लिए 29 मार्च लगा दी है।
मझोला क्षेत्र में 15 फरवरी 2023 की रात सीए श्वेताभ तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सिविल लाइंस के साईं गार्डन कॉलोनी निवासी सीए श्वेताभ तिवारी घटना के समय अपने दफ्तर के बाहर घर जाने से पहले मोबाइल पर बात कर रहे थे। इस दौरान आए बाइक सवार शूटर आए हत्या करने के बाद फरार हो गए थे। सीए की पत्नी शालिनी तिवारी ने इस मामले में केस दर्ज कराया था। इस मामले में सिविल लाइंस के दीन दयाल नगर निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक, पाकबड़ा के गिंदौड़ा निवासी केशव शरण शर्मा, भोजपुर के हिमायूंपुर निवासी खुशवंत सिंह उर्फ भीम और कोतवाली के रेती स्ट्रीट निवासी विकास शर्मा जेल में बंद हैं। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया था कि ललित कौशिक ने केशव और खुशवंत को 10 लाख रुपये की सुपारी देकर सीए श्वेताभ तिवारी की हत्या कराई थी। इस हत्याकांड की साजिश रचने में विकास शर्मा भी शामिल था। इस मामले में वादी पक्ष की ओर से मृतक सीए श्वेताभ तिवारी के साले संदीप ओझा ने अदालत में पेश होकर अपने बयान दिए। जिसमें कहा कि उन्हें फोन पर गोली लगने की सूचना मिली थी। जिसके बाद वह सीधे अस्पताल चले गए थे। उन्होंने गोली मारते नहीं देखा है। जब वह अस्पताल पहुंचे तब तक डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।वहीं दूसरा मुकदमा विहिप नेता संतोष पंडित पर जानलेवा हमला करने का है। यह मुकदमा 12 फरवरी 2023 को मझोला थाने में दर्ज किया गया था।
इस मामले में पुलिस ने पीड़ित के बयानों के आधार पर विवेचना के दौरान पीड़ित की तहरीर के आधार पर ललित कौशिक का नाम केस में शामिल किया था। इस मामले में पीड़ित संतोष पंडित को अदालत ने बयानों के लिए तलब किया। जिन्होंने अपनी गवाही मे बताया कि मेरे गोली रजत शर्मा और इसके साथियों ने मारी थी। मुझे घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया था। बाद में पता चला कि मेरी हत्या कराने के लिए ललित कौशिक भी शामिल था। जिसके खिलाफ मैंने बाद में पुलिस वालों को बताया था। इस मामले दोनों ही मुकदमों की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या 14 मनीष कुमार प्रथम की अदालत में की जा रही है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार ने बताया कि समय के अभाव के कारण गवाहों से जिरह नहीं हो पाई। अदालत ने दोनों ही मुकदमों में अगली कार्यवाही के लिए 29 मार्च लगा दी गई है।
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में टली सुनवाई
मुरादाबाद। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी की ओर से गवाह पेश पेश न होने के कारण कारण सुनवाई नहीं हो पाई। विशेष लोक अभियोजक भूकन सिंह और अभिषेक भटनागर ने बताया कि सोमवार को ललित कौशिक को अपने बचाव पक्ष का गवाह पेश करना था। लेकिन गवाह पेश नहीं हो सका। जिसके लिए आरोपी ने अदालत से समय की मांग की थी। जिसे सुनने के बाद अदालत ने गवाह पेश करने के लिए 29 मार्च नियत की है। संवाद