एमडीए की सबसे पुरानी यह कॉलोनी 1992 में रामपुर रोड पर शहर से बाहर विकसित की गई थी। नागरिकों का कहना है कि नगर क्षेत्र से बाहर होने कारण इसे अभी तक नगर निगम को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। साफ-सफाई से एमडीए ने भी हाथ खींच लिए हैं। इसकी वजह से नालियां चोक हैं। बसावट के समय ले आउट ठीक ढंग से नहीं बनाने के कारण यह कॉलोनी आसपास की अन्य कॉलोनियों से थोड़ी नीची हो गई है। लिहाजा जल निकास की भी यहां समस्या हर समय बनी रहती है।
हालत यह है कि चोक व जगह-जगह से क्षतिग्रस्त नालियों का गंगा पानी कॉलोनी की मुख्य सड़क पर आ गया है। इसके कारण लोग कीचड़ व गंदे पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं। देखरेख के अभाव में यहां बने पार्कों की चहारदीवारी, बैंच टूटी हुईं हैं। इंडिया मार्का हैंडपंप भी खराब हैं। इसके कारण वहां रहने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
एमडीए वीसी शैलेष कुमार ने बताया कि कॉलोनी के लोगों की समस्या को देखते हुए जल निकास की समस्या के समाधान के लिए करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से नाला निर्माण कराने के लिए टेंडर हो चुका है। उनका कहना है कि जल्द ही वहां नाला निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। जिसके बाद कॉलोनी के लोगों को जल निकास की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।