मुरादाबाद। सपा नेता एवं रामपुर के विधायक आजम खां के खिलाफ अदालत के आदेशों की अवमानना के मामले में शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो पाई। केस के वादी पुलिस इंस्पेक्टर रामवीर सिंह अदालत में हाजिर नहीं हो पाए। अदालत ने उनके खिलाफ वारंट जारी किए हैं।
चौदह साल पहले छजलैट थाने में सपा नेता आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम समेत अन्य सपा नेता और कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। उस वक्त सपा नेता आजम खां अपने परिवार के साथ द्वारा मुजफ्फरनगर एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। छजलैट थाने के सामने पुलिस ने उनकी गाड़ी रुकवाकर चेक की थी। इसके विरोध में आजम खां सड़क पर बैठकर धरना देने लगे थे।
इसकी सूचना मिलने पर अन्य कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे। इस मामले में दर्ज केस में कई बार आजम खां को समन जारी हुआ था। बावजूद इसके आजम खां अदालत में हाजिर नहीं हुए थे। 2020 में छजलैट थाने में आजम खां के खिलाफ अदालत के आदेशों की अवमानना का एक और मुकदमा दर्ज किया गया था। इस केस में रामपुर क्राइम ब्रांच के तत्कालीन प्रभारी रामवीर सिंह वादी थे। वर्तमान में रामवीर सिंह संभल में तैनात हैं।
इस मुकदमे की सुनवाई एमपी- एमएलए स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में की जा रही है। गवाही के लिए केस के वादी इंस्पेक्टर रामवीर सिंह को अदालत ने तलब किया था लेकिन वह हाजिर नहीं हुए। इस कारण केस में सुनवाई नहीं हो पाई। विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई ने बताया कि वादी रामवीर सिंह के खिलाफ अदालत ने जमानती वारंट जारी कर सुनवाई के लिए 29 जुलाई नियत की है।