मई के आखिरी सप्ताह में मौसम फिर बदल गया। कभी बारिश-आंधी तो कभी धूप से तापमान में बदलाव हुआ है। मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। निजी व सरकारी अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी है। चंदौसी सीएचसी के एमओआईसी डॉ. हरवेंद्र सिंह ने बताया कि इस समय करीब 700 मरीजों की ओपीडी हो रही है। सबसे अधिक मरीज बुखार, उल्टी, दस्त व पेट दर्द के आ रहे हैं। उमस व गर्मी से मौसम पेट में संक्रमण बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि उल्टी-दस्त में तुरंत उपचार न किया जाए तो डिहाइड्रेशन या डायरिया भी हो सकता है। ऐसे में सावधानी बरतें। हल्का और ताजा भोजन करें। भोजन में हरी सब्जी और दाल का सेवन अधिक करें। बाजार के खाने व फास्टफूड से परहेज करें। उमस व गर्मी में यह भोजन तुरंत असर दिखाता है। इस मौसम में बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है। इस समय ओपीडी में डायरिया पीड़ित बच्चे भी अधिक पहुंच रहे हैं। सीएचसी में इनकी संख्या 65-70 है। उमस व गर्मी में खेलने के चलते बच्चे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
ये बरतें सावधानी
- पानी की बोतल लेकर घर से बाहर निकलें।
-नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।
- ओआरएस व नारियल पानी पीएं।
- दलिया, मूंग की दाल आदि हल्का भोजन करें।
- गर्मी में कम से कम बाहर निकलें, सिर ढककर रखें।
- फास्ट फूड न खाएं।
- फ्रिज में रखी खाने की चीजों से परहेज करें।
- भोजन में सलाद अधिक इस्तेमाल करें।
- गर्मी, उमस में संक्रमण अधिक फैलता है, जो पेट की समस्या पैदा करता है। इससे उल्टी, दस्त व बुखार की समस्या अधिक होती है। खानपान में विशेष तौर से ध्यान रखने की जरूरत है। हालत बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। -
डॉ. हरवेंद्र सिंह, एमओआईसी सीएचसी चंदौसी।