युवती ने अपने रिश्तेदारों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उसके मुताबिक उन्होंने भी उसका उत्पीड़न किया। इसके विरोध में युवती ने करीब दो साल पहले केस दर्ज कराया था। मामले की कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इसी सिलसिले में वह 21 जुलाई को कोर्ट में आई थी। शाम के समय उसने एसपी कार्यालय के बाहर हंगामा कर दिया। युवती ने अपने कपड़े भी उतारने का प्रयास किया। सूचना पर कोतवाली से महिला पुलिस पहुंच गई और उसे अपने साथ ले गई। उसका आरोप है कि मुकदमा वापसी का उस पर दबाव बनाया जा रहा है।
वीडियो में युवती कहती है कि 'मुझे नंगा किया गया। मेरे कपड़े उतार लिए गए। पता नहीं अब क्या होगा मेरे साथ। योगी आदित्यनाथ मुझे ऐसा बुर्का नहीं चाहिए, जो बुर्का नंगा करता हो। आई हेट द मुस्लिम। योगी आदित्यनाथ सर मेरी मदद करिए। मेरी सुपारी दे दी गई है, किसी दिन भी मेरी हत्या हो सकती है। मैं मुस्लिम धर्म को छोड़ना चाहती हूं। मुझे मुस्लिम धर्म से नफरत हो है। बुर्के के अंदर मेरे साथ गलत काम करवाना चाहते हैं'।
वहीं वायरल वीडियो पर रामपुर पुलिस ने जवाब देते हुए कहा है कि महिला 21 जून को कोर्ट पहुंची थी। यहां युवती का उसके वकील की पत्नी से झगड़ा हो गया। जिस कारण युवती ने आवेश में आकर अपने कपड़े उतारने लगी। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला को शांत कराया।