मुरादाबाद। कटघर क्षेत्र में रहने वाली एक शिक्षिका के मोबाइल से उनके साथी शिक्षक ने फोटो और वीडियो अपने मोबाइल पर व्हाट्सएप कर लिए। शिक्षिका का रिश्ता दूसरी जगह तय हो गया तो आरोपी शिक्षक ने शिक्षिका के फोटो एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपी को जेल तो भेज दिया, लेकिन शिक्षिका इस घटना से इतना आहत हुईं कि अवसाद में चली गईं। वे मनोचिकित्सक से इलाज करा रही हैं।
यह इकलौता मामला नहीं है, जिसमें करीबी ने ही विश्वासघात किया, बल्कि पिछले तीन माह में 50 से ज्यादा ऐसे ही मामलों की साइबर सेल में पहुंची, जिनमें निजी वीडियो और फोटो सोशल सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए गए। शिकायत करने पहुंची पीड़िताओं ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद आत्महत्या का ख्याल मन में आता है। भीड़ या बाजार में किसी के हाथ में मोबाइल देखती हूं तो ऐसा लगता है कि लोग मेरी ही वीडियो देख रहे हैं।
ऐसे मामले केवल साइबर सेल में नहीं पहुंच रहे हैं, बल्कि मनोचिकित्सकों के पास भी वीडियो वायरल होने के बाद अवसाद का शिकार हो रहे लोग जा रहे हैं। चिकित्सकों से पीड़िताएं बता रही हैं कि उन्हें नींद नहीं आती है। हमेशा बेचैनी रहती है। उनके साथ ऐसे लोगों ने विश्वासघात किया, जिनके बारे में कभी गलत तक नहीं सोचा था। ऐसे मामलों में युवतियां ही नहीं, युवक भी पीड़ित हैं।
मनोचिकित्सक डॉ. अभिनव शेखर का कहना है कि अवसाद में आने वाले लोगों को भीड़ से डर लगने लगता है। दिनभर थकान और कमजोरी महसूस होती है। अगर नींद आ भी जाती है तो सपने में भी वीडियो और आरोपी का चेहरा नजर आता है। कुछ पीड़ितों के मन में आत्महत्या के भी ख्याल आते हैं। ऐसे लोगों की काउंसिलिंग कर उन्हें अवसाद से बाहर निकाला जाता है।
निजी वीडियो वायरल होने के कारण युवा अवसाद में आ रहे हैं। ऐसी शिकायतें लगातार आ रही हैं। वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। साथ ही पीड़ितों की काउंसिलिंग भी कराई जा रही है। किसी युवती या युवक को कोई अपराधी ब्लैकमेल करे और वीडियो वायरल करने की धमकी दे, तो तुरंत पुलिस से शिकायत करें। - सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी अपराध
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सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती न करें। किसी ऐसे व्यक्ति के साथ फोटो या वीडियो न बनाएं जो भविष्य में आपको ब्लैकमेल कर सकता है। परिजन पीड़िक युवक-युवती से लगातार संवाद करें। उन्हें बताएं कि फोटो या वीडियो वायरल होने से जिंदगी खत्म नहीं हो जाती। अपराधी के खिलाफ कार्रवाई अवश्य कराएं। अवसाद में रहने वाले लोग अकेला रहना पसंद करते हैं, लेकिन उन्हें अकेला न छोड़ें।
-डॉ. नीरज गुप्ता, मनोचिकित्सक
मम्मी-पापा मेरे लिए आत्महत्या ही सही रास्ता
मझोला क्षेत्र में रहने वाली एक युवती के निजी वीडियो उसके मित्र ने बना लिए। दोनों के बीच संबंध खराब हुए तो आरोपी ने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। इससे परेशान युवती ने घर में फंदे पर लटक कर आत्महत्या करने का प्रयास किया। परिजन सही समय पर आ गए और उसे बचा लिया। युवती के कमरे से एक डायरी मिली, जिसमें उसने लिखा था कि मम्मी-पापा मेरे लिए आत्महत्या ही सही रास्ता है। इसके अलावा वीडियो वायरल होने से अवसाद में आई एक किशोरी ने आत्महत्या कर ली थी।
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अवसाद में आया कारोबारी का बेटा
शहर के एक कारोबारी के 18 वर्षीय बेटे से फेसबुक के जरिये 35 वर्षीय व्यक्ति ने दोस्ती कर ली। आरोपी ने उसे होटल में मिलने बुलाया और उसके वीडियो बना लिए। आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे रुपयों की मांग की। युवक ने लाखों रुपये आरोपी को दे दिए। इसके बाद भी आरोपी ने ब्लैकमेल करना बंद नहीं किया। अवसाद में आए युवक को परिजन मनोचिकित्सक के पास लेकर पहुंचे तो सच सामने आया।