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Moradabad News: अनजान नंबर से आई वीडियो कॉल से हो सकती है परेशानी

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मुरादाबाद।
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अनजान नंबर से यदि आपके पास कोई कॉल आती है तो उसे रिसीव न करें। नहीं तो बाद में पछताना पड़ सकता है, क्योंकि साइबर अपराधी कुछ ही सेकेंड की वीडियो में अश्लील कंटेंट बना लेते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर अनजान लोगों को मित्र भी न बनाएं। विद्यार्थियों को यह जानकारी एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने दी। उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं को भी शांत किया।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कृष्णा बाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मंगूपुरा में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने कहा कि साइबर अपराधों की शिकायत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर की जा सकती है। सरकार महिला अपराध के प्रति संवेदनशील है। प्रत्येक थाने में महिला हेल्पडेस्क बनाई गई है। विपरीत परिस्थिति में महिलाएं 112 के अलावा 1090 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकती हैं। उनकी पहचान गोपनीय रखी जाती है। इस दौरान स्कूल व्यवस्थापक विनोद बाबू सक्सेना, निदेशक ओमप्रकाश सिंह, प्रधानाचार्य कपिल देव, संभाग निरीक्षक विद्या भारती उपेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
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विद्यार्थियों के सवालों पर एसपी सिटी के जवाब
सवाल : 18 आयु वर्ष से कम आयु के बालक यदि दोपहिया वाहन चलाते हैं तो उनके अभिभावकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?
जवाब : पुलिसकर्मी कानून का पालन करवा रहे हैं। कानून तोड़ने पर कार्रवाई भी की जा रही है। हालांकि, इस मामले में सामाजिक जागरूकता की जरूरत है।

सवाल : पुलिसकर्मी सड़क पर वाहनों से चाबी निकाल लेते हैं। कई बार अभद्रता भी करते हैं। ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए?
जवाब : पुलिस के पास संदेह की स्थिति में वाहनों की जांच का अधिकार होता है। जब व्यक्ति जांच में सहयोग करते हैं तो कोई समस्या नहीं होती है। विवाद की स्थिति दोनों तरफ से ही होती है। इसके बावजूद कोई पुलिसकर्मी अभद्रता करता है तो उसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करने पर मामले में कार्रवाई भी की जाती है।

सवाल : साइबर ठगों के पास आम लोगों के मोबाइल नंबर कैसे पहुंच जाते हैं?
जवाब : कई बार हम ऐसे सार्वजनिक स्थानों पर अपने नंबर नोट करा देते हैं, जहां ऐसी कोई अनिवार्यता नहीं है। इसके अलावा सोशलमीडिया प्लेटफॉर्म पर भी हम नंबर दर्ज कराते हैं। तमाम ऐसी तकनीक है कि साइबर ठग आसानी से नंबर तक पहुंच सकते हैं। साइबर अपराध से बचने का एक ही रास्ता सिर्फ हमारी जागरूकता है।
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सवाल : एफआईआर दर्ज होने पर भी कई मामलों में कार्रवाई नहीं होती है, ऐसा क्यों?
जवाब : पुलिस हर शिकायत को पंजीकृत करती है, लेकिन कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाती है। कई मामलों में जांच के बाद शिकायतें झूठी पाई जाती हैं।

सवाल : क्या गाड़ियों की नंबर प्लेट पर धार्मिक स्लोगन लिखना गलत है?
जवाब : मोटर व्हीकल एक्ट के तहत गाड़ियों की नंबर प्लेट पर नंबर के अलावा किसी भी तरह का निशान, अक्षर या प्रतीक नहीं लिखा जा सकता है।

सवाल : कई बार दंगे की स्थिति में भीड़ में एकत्र बेगुनाहों के खिलाफ भी कार्रवाई क्यों की जाती है?
जवाब : भीड़ में नहीं पता होता है कि कौन गुनहगार है या कौन बेगुनाह है। ऐसे में सभी भागीदार माने जाते हैं। हालांकि, जांच में जो बेगुनाह मिलते हैं, उन्हें छोड़ भी दिया जाता है।
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