सात दिन पहले लखनऊ से अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी गई थी कि गाड़ी यूपीएस लेकर निकल गई है। इसके बाज कांवड़ के कारण रास्ता बाधित होने, पुलिस द्वारा रोके जाने का बहाना लेकर इसे सात दिन तक लेट किया गया। शुक्रवार को यूपीएस आखिरकार जिला अस्पताल पहुंच गया। इसे ट्रॉमा सेंटर में रख दिया गया है। बैटरियों की खरीद जिले में ही की जा रही है। जिला अस्पताल की एसआईसी डॉ. संगीता गुप्ता ने बताया कि बैटरियां व यूपीएस जल्द लगा दिए जाएंगे। सोमवार को इंजीनियर को बुलाकर मशीन की जांच कराएंगे। मशीन ठीक हुई तो जल्द ही सीटी स्कैन शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क जांच कराने के लिए 30 किमी दूर रामपुर जाना पड़ता है। वहीं सरकारी अस्पताल में पीपीपी मोड पर सीटी स्कैन संचालित होने के कारण जांच निशुल्क है। जबकि मुरादाबाद में सरकारी व्यवस्था होने के कारण जांच के लिए 500 रुपये शुल्क देना पड़ता है।