मुरादाबाद जिले में बीते दस वर्षों में अलग-अलग थानों में खनन के 33 मुकदमे दर्ज किए गए। इसमें 142 लोगों को आरोपी बनाया गया। वहीं ठाकुरद्वारा प्रकरण के बाद नौ लोगों पर 50-50 हजार का इनाम भी घोषित किया गया, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में जिले में अभी तक कोई खनन माफिया नहीं है।
बताया जा रहा है कि ठाकुरद्वारा, भगतपुर, डिलारी, कुंदरकी, कटघर और मूंढापांडे में वर्षों से खनन चल रहा है। उत्तराखंड से आने वाले रेता बजरी बजरफुट से लदे वाहन भी इन्हें रास्तों से होकर गुजरते हैं। मुरादाबाद में इस धंधे में लिप्त लोगों ने सीओ, दरोगा और उनकी टीम को कुचलने कोशिश तक की है। खनन विभाग की टीम भी पिछले दस वर्षों में कई बार बंधक बनाई जा चुकी है।
ठाकुरद्वारा में 13 सितंबर की रात तो हद ही हो गई यहां एसडीएम और खनन अधिकारी को ही बंधक बनाकर आरोपी डंपर तक छुड़ाकर ले गए थे। खनन माफिया और उनके गुर्गों में ये हौसला पुलिस और खनन विभाग की कमजोर कार्रवाई के कारण ही पनपा है। पिछले दस साल में जनपद के अलग अलग थानों अवैध खनन करने के 33 केस दर्ज किए गए। जिसमें 142 लोगों को आरोपी भी बनाया गया लेकिन पुलिस अब तक एक भी खनन माफिया घोषित नहीं कर सकी है।
जिले में 33 माफिया घोषित
शासन की सख्ती के बाद मुरादाबाद में भी माफिया के खिलाफ कार्रवाई की शुरू की गई थी। जिले में 33 माफिया घोषित किए गए हैं। इनमें भू माफिया, शराब माफिया, सूदखोर माफिया शामिल हैं। लेकिन खनन माफिया एक भी घोषित नहीं किया गया।
यहां तो खनन अधिकारी भी रिश्वत लेते हो चुके हैं गिरफ्तार
मुरादाबाद। मूंढापांडे के दलपतपुर में चार अक्तूबर 2014 में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रामपुर के खनन अधिकारी को पच्चीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने ठेकेदार को रायल्टी चालान देने के नाम पर घूस की मांग की थी। पकड़े जाने से ढाई माह पहले ही खनन अधिकारी को शिकायतें मिलने पर मुरादाबाद से रामपुर ट्रासंफर किया गया था।