मुरादाबाद। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार के सभी निर्णय युवाओं और महिलाओं को केंद्र में रख कर लिए गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवाओं के जोश, जुनून और संकल्प के बूते भारत 2047 तक पूरी दुनिया का सिरमौर होगा। हमारा विज़न शताब्दी वर्ष तक सभी युवाओं को स्किलफुल बनाना है।
टीएमयू में भाजपा की तरफ से आयोजित प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने नौ सालों में नई कार्यशैली और संस्कृति स्थापित करने का कार्य किया है। अंग्रेजों के समय से एक कुरीति चली आ रही थी कि छात्र -छात्राओं को अपने प्रमाण पत्र राजपत्रित अधिकारी से सत्यापित कराने पड़ते थे। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के करीब तीन माह बाद ही नरेंद्र मोदी ने इस प्रक्रिया को बंद कर दिया। सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू की प्रक्रिया को खत्म किया, ताकि सभी को बराबरी का हक मिल सके। देश में 2014 में करीब 350 स्टार्टअप थे, लेकिन आज एक लाख से अधिक हैं। दुनिया का कोई भी देश अपने 100 प्रतिशत युवाओं को नौकरी मुहैया नहीं करा सकता है। ऐसे में स्टार्ट अप दुनिया के युवाओं के लिए वरदान है। स्टार्ट अप शुरू करने के लिए सरकार ने मुद्रा योजना जैसी और भी अनेक योजनाएं बनाई हैं, जो युवाओं की आर्थिक और तकनीकी सुविधा देगी।
भारत के वैज्ञानिक अमेरिका की सैटेलाइट लांच कर रहे
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने जाने-माने वैज्ञानिक विक्रम साराभाई का उदाहरण दिया। बताया कि हमारे देश के युवा मेहनती और साहसी हैं। पहले युवाओं को उचित वातावरण और सुविधाएं नहीं मिलती थी। आज सरकार ने युवाओं को सकारात्मक वातावरण दिया है। भारत के वैज्ञानिक अमेरिका के सैटेलाइट भी लांच कर रहे हैं। 2014 से पहले देश में मात्र 74 हवाई अड्डे थे, लेकिन वर्तमान में 148 हवाई अड्डे हैं। सरकार ने सिक्किम, अरूणाचल जैसे दुर्गम स्थानों पर हवाई अड्डे बनाए हैं। युवाओं को की-वोटर्स की संज्ञा देते हुए कहा, वे तर्क से भरे हैं। एनईपी-2020 छात्रों को डिग्री के लिए बंधक नहीं बनाती, बल्कि उसमें स्किल्स डवलप करती है।
टीएमयू ज्ञान का भंडार
पीएमओ से संबद्ध केन्द्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि टीएमयू बहुत कुछ सीखने के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। शिक्षा मंत्रालय की जारी सूची में टीएमयू ने इन्नोवेशन श्रेणी में देश की टॉप 100 यूनिवर्सिटी में स्थान पाया है। इसके लिए उन्होंने कुलाधिपति श्री सुरेश जैन की प्रशंसा की।
तर्क संगत सवाल, तर्क सिद्ध जवाब
प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में टीएमयू की डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन, कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित, टिमिट के डायरेक्टर प्रो. विपिन जैन, डॉ. दीप्लोनल बनर्जी और कारोबारी विपिन गुप्ता ने केन्द्रीय मंत्री डॉ.जितेन्द्र सिंह से अपने-अपने विषयों से जुड़े सवाल किए। उन्होंने सभी सवालों के तर्क सिद्ध जवाब दिए। उन्होंने मौजूदा समय को आइडिया ऐरा बताते हुए चेन्नई के स्नो हाउस का उदाहरण दिया। बोले, सच यह है, युवाओं को अपना डोमेन तय करना होगा। अपना माइंड सेट बदलना होगा। उन्होंने ड्रॉप आउट से लेकर ड्रॉप इन तक विस्तार से चर्चा करते हुए एक सवाल के जवाब में कहा, लॉ, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी ड्रॉप इन सुविधा भविष्य में लागू हो जाएगी। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया, सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में भी टीचर्स के लिए ड्रॉप इन की नीति होनी चाहिए। रिसर्च ग्रांट पर भी तर्क संगत जवाब दिया। साथ ही उन्होंने बताया, व्यापारियों की सहूलियतों के लिए हमारी सरकार करीब सोलह सौ कानूनों को खत्म कर चुकी है। अंत में कुलाधिपति ने सुरेश जैन ने शाल ओढ़ाकर केंद्रीय राज्य मंत्री को सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन लॉ फैकल्टी से जुड़े डॉ. माधव शर्मा ने किया।
शासन और सुशासन में फर्क : चांसलर
टीएमयू के कुलाधिपति सुरेश जैन ने केन्द्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह का स्वागत किया। कहा कि उनमें पास बहुतेरे मंत्रालयों की बागड़ोर है। याद दिलाया कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पूर्व टीएमयू में हुए प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आए थे। कुलाधिपति ने टीएमयू में मंगलवार को आयोजित रोजगार मेले की चर्चा करते हुए कहा, पहले ज्वाइनिंग लेटर लेने में ख़ासी दुश्वारी होती थी। अब उन्हें सरकार बुला कर ज्वाइनिंग लेटर दे रही है। यही शासन और सुशासन का फर्क है।
ये रहे मौजूद
सम्मेलन में प्रबुद्ध वर्ग संवाद के कलस्टर प्रभारी सत्यपाल सिंह सैनी, एमएलसी गोपाल अंजान, पूर्व सांसद सर्वेश कुमार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान, महानगर अध्यक्ष धर्मेन्द्र नाथ मिश्रा, राजेश कुमार चुन्नू, विजयभान सिंह, कार्यक्रम संयोजक डॉ. विशेष गुप्ता के अलावा विवि के शिक्षक मौजूद थे।