दिल्ली के रोहिणी निवासी सूरज सिविल लाइंस के प्रेम नगर में रहता है। यहां वह नारियल पानी बेचता है। वहीं दिल्ली के रोहिणी निवासी रिश्तेदार सूरज (17), रमेश (42) और शिवम कुमार प्रेमनगर मिलने आए थे। गर्मी अधिक होने के कारण चारों ने रामगंगा नदी में नहाने की योजना बनाई। उनके साथ प्रेमनगर निवासी जतिन भी गया था। सोमवार की शाम करीब पांच बजे पांचों सिविल लाइंस क्षेत्र में पोस्टमार्टम हाउस के सामने नदी में नहाने पहुंच गए। रिश्तेदार सूरज, रमेश और शिवम गहरे पानी में चले गए। देखते ही देखते तीनों डूबने लगे। जतिन के शोर मचाने पर आस पड़ोस के खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंच गए और उन्होंने शिवम को बाहर निकला लिया, लेकिन रिश्तेदार सूरज और रमेश नहीं मिले। इसकी जानकारी मिलने पर सिविल लाइंस थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई और गोताखोर बुला लिया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद रिश्तेदार सूरज और रमेश के शव बाहर निकले गए। शिवम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिए गए हैं।
दो दिन पहले दिल्ली से आए थे रिश्तेदार सूरज और रमेश
रमेश दो दिन पहले ही अपने सूरज से मिलने के लिए प्रेमनगर आया था। तब रमेश के साथ रिश्तेदार सूरज और शिवम भी आए थे। सोमवार की शाम सभी पोस्टमार्टम हाउस के सामने नहाने के लिए चले गए थे। नहाते समय गड्ढे में भरे गहरे पानी में चले गए। डूबने से रिश्तेदार रमेश और सूरज की मौत हो गई।
खनन करने वालों ने रामगंगा में बनाए हैं गहरे गड्ढे
जिस जगह पांचों नहा रहे थे, वहां खनन करने वालों ने गहरे गड्ढे बना दिए हैं। उसमें पानी भरा हुआ है। पांचों दिल्ली के रहने वाले हैं, जिस कारण उन्हें गहराई का अंदाजा नहीं था। पांचों उसमें नहाने के लिए उतर गए थे।