अमरोहा जिले में बुखार और डेंगू का कहर थम नहीं रहा है। लगातार मौत हो रही हैं। सरकड़ा कमाल गांव में हालात बुरे हैं। शुक्रवार की रात और दो किसानों की डेंगू से मौत हो गई। एक ने उपचार के दौरान दिल्ली में तो दूसरे ने मेरठ में दम तोड़ा। लगातार मौत होने से बीमार लोगों में दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य महकमा बीमारी को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है।
जोया ब्लाकक्षेत्र के गांव सरकड़ा कमाल में किसान भूप सिंह (70) का परिवार रहता है। उनके परिवार में दो बेटे हैं। बड़े बेटे जितेंद्र भवालपुर एक निजी स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं। जबकि दूसरा बेटा रविंद्र लोहे के सरिया की दुकान चलाते हैं। परिजनों के मुताबिक दस दिन पहले भूप सिंह को बुखार आया था।
27 अक्तूबर को उन्हें गंभीर हालत में मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उन्हें डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बाद उपचार के दौरान शुक्रवार की रात उनकी मौत हो गई। जबकि उनकी पुत्र वधू भी डेंगू पॉजिटिव है और वह भी मेरठ के अस्पताल में भर्ती है। गांव में दूसरी मौत गजेंद्र सिंह (50) की हुई।
पैसे से किसान गजेंद्र सिंह के परिवार में पत्नी प्रभादेवी के अलावा एक बेटा है, जो गजरौला की एक फैक्टरी में नौकरी करता है। उनकी पत्नी प्रभादेवी गांव में आशा कार्यकत्री हैं। बुखार से पीड़ित गजेंद्र सिंह को दो दिन पहले दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उन्हें डेंगू की पुष्टि हुई और शनिवार की सुबह उनकी भी मौत हो गई। सरकड़ा कमाल गांव में लगातार मौत होने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई।
मालूम रहे कि पांच दिन की बारिश के बाद जिला में बुखार और डेंगू ने पैर पसार लिए हैं। गांव-गांव लोग बुखार में तप रहे हैं। डेंगू और बुखार लोगों की जान लील रहा है। सरकड़ा कमाल गांव में अब तक डेंगू और बुखार से छह लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि सैकड़ों लोग बीमार हैं। लगातार मौत की खबर सुनकर लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।