मुरादाबाद। चौबीस साल बाद दो गैंगस्टर को अदालत ने दो साल के कठोर कारावास की सजा के साथ प्रत्येक पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषियों के के खिलाफ थाना कुढ़फतेहगढ़ में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
थाना कुढ़फतेहगढ़ में 15 जून 1999 को तत्कालीन थाना प्रभारी आरपी निराला ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमे भयराज निवासी हुलासनगर थाना कुढ़फतेहगढ़ और सत्यवीर सहरिया बिलारी को आरोपी बनाया था। कहा था कि दोनों आरोपी अपना गैंग बनाकर अवैध रूप से भौतिक व आर्थिक धन लाभ प्राप्त करते है तथा आने जाने वाले लोगों के साथ लूट की घटना को अंजाम देते हैं।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत में की गई। राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक राजीव त्यागी ने पक्ष रखा और अदालत को बताया कि आरोपी अनैतिक लाभ प्राप्त करने के लिए अपराध करते थे। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गैंगस्टर एक्ट में दोषी करार दिया। संवाद