मुरादाबाद। पॉक्सो कोर्ट संख्या एक की विशेष न्यायाधीश रेशमा चौधरी की अदालत ने मंगलवार को किशोरी के अपहरण दुष्कर्म मामले में अदालत ने मुल्जिम जयविंद और संदीप पाल को दोषी करार देते हुए दस-दस की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर जुर्माना भी लगाया है। 16 वर्षीय किशोरी के पिता ने 22 जुलाई 2018 को बिलारी थाने में बिलारी थाना क्षेत्र के आरीखेड़ा निवासी जयविंद और हरियाणा के अंबाला जिले के टेडीथाना क्षेत्र के चौड़ मस्तपुर निवासी संदीप पाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें पीड़ित ने बताया कि आरोपी जयविंद अपने साथी संदीप पाल के साथ मिलकर उसकी बेटी को अगवा कर ले गया था और आरोपी ने किशोरी से दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस मामले में किशोरी को तलाशने के बाद उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराए थे। इस मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट संख्या एक की विशेष न्यायाधीश रेशमा चौधरी की अदालत में चली। मंगलवार को अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जयविंद और संदीप पाल को दोषी करार देते हुए दोनों पर 10-10 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने जयविंद पर तीस हजार और संदीप पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।