मुरादाबाद। किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो एक्ट- दो की विशेष न्यायाधीश छाया शर्मा की अदालत ने दो सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 70-70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मैनाठेर थाना क्षेत्र के गांव निवासी एक व्यक्ति ने 30 जून 2019 को मैनाठेर थाने में मिलक मोहम्मदपुर बस्तौर निवासी नन्हें और उसके सगे भाई कैलाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया कि सुबह उसकी नाबालिग बेटी अपनी मां के साथ खेत पर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में आरोपी आ गए और उसकी बेटी को अगवा कर ले गए। पुलिस ने इस मामले में किशोरी को तलाशने के बाद उसका मेडिकल कराया और कोर्ट में बयान दर्ज कराए। मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयानों के आधार पर केस में सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाई। इसके बाद नन्हें और कैलाश के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। इस मामले की सुनवाई पॉक्सो एक्ट-2 की विशेष न्यायाधीश छाया शर्मा की अदालत में चली। अदालत ने बुधवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम नन्हें और कैलाश को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है जबकि 70-70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।