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Moradabad: दो सगी बहनों से दुष्कर्म के दोषी को बीस साल की जेल, कोर्ट ने लगाया एक लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना

Mon, 19 Jun 2023 06:28 PM IST
Digvijay Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद

सार

दो सगी बहनों के साथ दुष्कर्म करने वाले दोषी युवक को अदालत ने बीस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर एक लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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सांकेतिक फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दो सगी बहनों के साथ दुष्कर्म करने वाले दोषी युवक को अदालत ने बीस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर एक लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। संभल के बनियाठेर थाने में एक व्यक्ति ने 29 अगस्त 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि 21 अगस्त की रात करीब ग्यारह बजे उसकी नाबालिग 16 वर्षीय बेटी और और 13 वर्षीय नहीं मिल रहीं हैं। कोई उन्हें बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। जिनकी काफी तलाश भी किया लेकिन अब तक नहीं मिलीं है। 

 

पुलिस ने इस मामले को गुमशुदगी मे दर्ज कर लिया था। जिसके बाद पिता ने 30 अगस्त को दोबारा एक प्रार्थना पत्र थाने में दिया था। जिसमें बताया कि उसकी दोनों बेटियों को गांव के ही रहने वाले एक व्यक्ति ने 22 अगस्त की रात मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर बदायूं के सैदपुर निवासी सद्दाम के साथ देखा था। इस मामले में पुलिस ने प्रार्थना पत्र के आधार पर सद्दाम की तलाश की। जिसे 30 अगस्त 2014 को चंदौसी रेलवे-स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया था। दोनों लड़कियां भी बरामद कर ली थीं। 

 

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इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन चंद्र विजय श्रीनेत की अदालत में की गई। विशेष लोक अभियोजक मनोज गुप्ता एवं भूकन सिंह ने बताया कि दोनों पीड़िता अदालत मे हाजिर हुई थी। जिन्होंने अदालत को अपने बयानों में बताता कि सद्दाम उन्हें धमकी देकर अपने साथ नोएडा ले गया था। जहां आरोपी ने दोनों बहनों के साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी थी। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सद्दाम को पूरे मामले में दोषी करार देते हुए उसे बीस साल की सजा के साथ उस पर एक लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।


फोन के माध्यम से दोषी से हुई थी जान पहचान

दोनों सगी बहनों के अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में दोषी करार दिए गए सद्दाम की जान पहचान लड़कियों से मिस्ड कॉल के जरिए हुई थी। जिसके बाद सद्दाम लड़कियों के घर का पता पूछकर पहुंच गया था। पीड़ित बहनों ने अपने बयानों में बताया कि दोषी सद्दाम उन्हें डरा धमका कर अपने साथ ले गया था। बाद में जब उसे पता चला कि मुकदमा दर्ज हो गया है, तब डर की वजह से वापस चंदौसी ले कर आया था, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। सद्दाम नोएडा में अपने चाचा के साथ कबाड़ खरीदने और बेचने का काम करता था। मुकदमें के डर की वज़ह से ही 30 अगस्त 2014 को सद्दाम हमें वापस लेकर आया था।

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