पिछले पांच दिन से रामगंगा उफान पर है। खतरे निशान 190.60 सेंटीमीटर है। शुक्रवार सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर बढ़ कर 189.96 सेंटीमीटर तक पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने के कारण उफनाई रामगंगा का पानी गोविंदपुर कलां से कुंदरकी जाने वाले मार्ग पर मोहम्मदपुर के श्मशान घाट के सामने बहने लगा। करीब दो से चार फिट तेज गति से पानी सड़क पर बहने लगा। इससे ग्राम गोविंदपुर कलां, ग्राम सुल्तानपुर, ग्राम नगला जटनी, ग्राम मोहम्मदपुर, दौलतपुर, गतौरा, रसूलपुर नगली, मिलक भीकनपुर, सिकंदरपुर पट्टी, लालटीकर, समेत दर्जन भर से अधिक गांवों का आवागमन प्रभावित रहा। ग्राम गोविंदपुर कलां निवासी अजयपाल सिंह ने बताया कि मार्ग पर तेज गति से पानी बहने के कारण सड़क भी कटनी शुरू हो गई है। लोग जान जोखिम में डाल कर ट्रैक्टर-ट्राली आदि से अथवा पैदल आवागमन करने को मजबूर हैं। क्षेत्र के किसान अजयपाल सिंह, शिशुपाल, भूरे सिंह, जयवीर आदि किसानों ने बताया कि पिछले पांच दिन से बढ़े हुए चल रहे जल स्तर के कारण उनके समेत सैकड़ों किसानों की धान की फसल पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूब जाने से नष्ट हो गई है। सूचना के बाद भी कोई भी अधिकारी क्षेत्र का जायजा लेने नहीं पहुंचा है। इससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने फसलों के मुआवजा की मांग की है।