मजदूरों एवं किसानों की मांगों के समर्थन में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय व्यापी हड़ताल एवं ग्रामीण बंद के आह्वान पर सीटू, किसान सना, खेत मजदूर यूनियन, भवन निर्माण मजदूर सभा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आंबेडकर पार्क सिविल लाइंस में इकट्ठा हुए। सभी लोगों ने से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि देश के लिए अन्न पैदा करने वाले किसानों और मजदूरों के अधिकारों पर तेजी से हमले हो रहे हैं। विरोध के बावजूद केंद्र सरकार कॉर्पोरेट घरानों के एजेंडे को ही आगे बढ़ा रही है। रोजगार देने वाले संस्थानों को पूंजीपतियों के हवाले कर रोजगार के अवसरों को खत्म किया जा रहा है। श्रम कानूनों में बदलाव करके 8 घंटे से ज्यादा काम लिया जा रहा है।
असंगठित क्षेत्र के 94 प्रतिशत घरेलू एवं अन्य कामगार के लिए कोई सुनिश्चित सामाजिक सुरक्षा योजना नहीं है। केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण देश में कृषि संकट बढ़ रहा है। किसान आंदोलन के समय किए गए वादों से भी सरकार मुकर रही है। खेत मजदूरों के लिए एकमात्र रोजगार गारंटी योजना मनरेगा को भी बंद किए जाने के आसार नजर आ रहे हैं। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। इस दौरान थानसिंह, चंद्रपाल सिंह आज़ाद, चमन आरा, महिपाल सिंह, संजय नारंग, जुल्फिकार हुसैन, जागन सिंह, विकास नेगी, सुनील सक्सेना, शरीफ अहमद, शिवा, सर्वती देवी, जैनबजहां, मनोज कुमारी, मिथलेश कुमारी, क्षमा मिश्रा, भूरी आदि मौजूद रहीं।