मुरादाबाद। खुशहालपुर के आईटीआई छात्र शुभम को साजिश के तहत धमकी भरा पत्र भेजा गया था। पत्र में जिन कैदियों के नाम लिखे हैं उन्हें हत्या के मामले में अप्रैल में ही उम्रकैद की सजा हुई थी। अब दोनों को बरेली की सेंट्रल जेल में ट्रांसफर किया जाना है। ट्रांसफर से बचने के लिए ही उन्होंने अपने परिजनों से धमकी भराकर पत्र भिजवाकर रंगदारी की मांग की थी।
मझोला थानाक्षेत्र के खुशहालपुर निवासी शुभम कुुमार ने सोमवार को एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें उसने बताया था कि 16 जुलाई को रजिस्टर्ड डाक से उसके घर एक पत्र आया है। पत्र अली अब्बास और अली इमरान के नाम लिखे हैं। जिसमें लिखा है कि हम पर लूट, हत्या व डकैती के कई मुकदमे दर्ज हैं और वह जेल की बैरक नंबर आठ में बंद हैं। 20 जुलाई तक जेल में 20 लाख रुपये लेकर आ जाना, वरना अंजाम बुरा होगा। एसएसपी के आदेश पर सीओ सिविल लाइंस आशुतोष तिवारी ने इस मामले की जांच की। इनके अलावा जेल अधिकारियों ने भी दोनों कैदियों के बारे में जानकारी जुटाई। तब पता चला कि जिन दो कैदी
अली अब्बास और अली इमरान के नाम लिखे हैं, दोनों सगे भाई हैं और अमरोहा जनपद के मोहल्ला शाह विलायत बस्ती प्रथमा बैंक वाली गली निवासी हैं। अमरोहा नगर की पुलिस ने दोनों को 2020 में हत्या, साक्ष्य मिटाने और साजिश रचने के मामले में जेल भेजा था। 25 जनवरी 2022 में अमरोहा की एडीजे चार की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जेल रूल के मुताबिक, सजा होने के बाद कैदियों को सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया जाता है। इन दोनों कैदियों को भी बरेली की जेल में शिफ्ट किए जाने के आदेश हो चुके हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दोनों कैदियों से पूछताछ में पता चला है कि उन्होंने दूसरे जेल जाने से बचने के लिए अपने परिजनों से पत्र भिजवाया था। अब पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है कि कैदियों ने पत्र भेजने के लिए शुभम का ही नाम इस्तेमाल क्यों किया है।