मुरादाबाद। जिस लड़के को स्कूल के कोच ने कभी बेकार और नाकारा समझकर टीम से निकाल दिया था। आज वही शिवांग सिंह (19) ताइक्वांडो के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बन गए हैं। 14 अगस्त को उन्होंने इस्रराइल में 12 से 14 अगस्त तक आयोजित विनर इस्रराइल ओपन जी-2 टूर्नामेंट में भारत के लिए रजत पदक जीता है। शिवांग सिंह मूल रूप से मेरठ के रहने वाले हैं। 2016 से मुरादाबाद में रह रहे हैं।
उनके पिता विनय कुमार एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। बकौल शिवांग कक्षा पांच में उन्हें स्कूल की ताइक्वांडो टीम में जगह नहीं मिली थी। कोच ने कहा था कि यह खेल तुम्हारे बस का नहीं है। यह बात शिवांग के दिल में घर कर गई और कोच के शब्दों को उन्होंने अपनी प्रेरणा बना लिया। स्पोर्ट्स अकादमी में कड़ा अभ्यास करने लगे और आठ माह बाद ही स्टेट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर दिखाया। इसके बाद से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज भी सफलता का सफर जारी है। 2015 में ताइक्वांडो में शिवांग ने ब्लैक बेल्ट हासिल की। इसके अलावा कई प्रदेशीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं।