कांठ रोड के हरथला में 680 मीटर सीवर लाइन डालने का शुरू किया गया काम निर्धारित समय 31 मार्च को पूरा नहीं हो सका है। यह हाल तब है जब जल निगम की देखरेख में काम कर रही केके स्पन कंपनी पर एक माह पहले ही समय से काम समाप्त नहीं करने पर 1.75 करोड़ की पेनाल्टी डाले जाने के साथ यह समय दिया गया था। कंपनी अब इसके लिए फिर एक माह का समय लेना चाहती है। जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि काम अधूरा है लिहाजा समय तो देना ही होगा, लेकिन कंपनी पर फिर पेनाल्टी डाली जाएगी। इस मार्ग पर काम अधूरा रहने के कारण पूरे दिन वहां धूल के गुबार उड़ते रहते हैं और जाम भी लगा रहता है। इससे व्यापारी व राहगीर परेशान हो रहे हैं।
कांठ रोड पर भटावली से पीएसी तिराहे तक पांच किमी भाग में 26 नवंबर 2023 को सीवर लाइन डालने का काम शुरू किया गया था। जिसे 30 जनवरी 2024 तक पूरा करने का समय निर्धारित था, लेकिन कंपनी निर्धारित समय के भीतर काम समाप्त नहीं कर सकी थी। कांठ रोड स्थित हरथला में 680 मीटर समेत अन्य स्थानों पर करीब दो किमी काम बाकी रह गया था। इस पर कंपनी पर 1.75 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाते हुए काम समाप्त करने के लिए 31 मार्च तक का समय दे दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी हरथला क्षेत्र में करीब 250 मीटर क्षेत्र में सीवर लाइन डालने का काम और सीवर लाइन डालने से क्षतिग्रस्त हुई सड़क के पुर्ननिर्माण का काम शेष रह गया है। जल निगम के अवर अभियंता अमित कुमार ने बताया कि कंपनी ने काम समाप्त करने के लिए एक माह का और समय मांगा है।
चार साल में 121 किमी नहीं बिछ सकी सीवर लाइन
अमृत-1 योजना के तहत सीवर लाइन फेज-2 का काम शहर में जनवरी 2020 में शुरू किया गया था। इसके लिए पहले 154 करोड़ रुपये में 141 किमी सीवर लाइन बिछाने का टेंडर केके स्पन के पक्ष में हुआ। इसके माध्यम से शहर के 25 हजार घरों को सीवर लाइन कनेक्शन से जोड़ा जाना था। बाद में इसमें 20 किमी सीवर लाइन का काम घटा दिया गया। इसके कारण 121 किमी सीवर लाइन बिछाने और 15627 घरों के कनेक्शन के लिए बजट भी घटा कर 110 करोड़ रुपये कर दिया गया। लेकिन यह कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है।
- करीब 250 मीटर सीवर लाइन डालने का काम शेष रह गया है। हरथला में नाला निर्माण का भी काम चल रहा है। वहां साइड सकरी है। रूट डायवर्जन की भी वहां कोई व्यवस्था नहीं है। लिहाजा रात में बमुश्किल चार-पांच घंटे कंपनी को काम के लिए मिल पाते हैं। फिर भी समय से काम समाप्त न करने पर कंपनी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया जा रहा है। पेनाल्टी के साथ समय बढ़ाने पर विचार के लिए फाइल उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। - मोहित कुमार राय, अधिशासी अभियंता जल निगम