संभल जनपद के कोतवाली क्षेत्र निवासी पीड़िता के पिता ने 8 मई 2014 को संभल कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें उसने बताया कि उसकी पत्नी अपने मायके गई थी। वह उसे बुलाने के लिए गया था। घर में नौ साल की बेटी और छोटे बेटे मौजूद थे। रात करीब नौ बजे वह अपनी पत्नी को लेकर घर लौटा। इसी दौरान उसने देखा कि घर से संभल के मिया सराय निवासी जमीर निकल रहा था। पति-पत्नी ने घर में जाकर बेटी से शोर शराबा का कारण पूछा तो उसने बताया कि जमीर ने घर में घुसकर छेड़खानी की है। उसने दुष्कर्म का प्रयास भी किया है।
इस मामले में पुलिस ने अगले दिन आरोपी जमीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो कोर्ट संख्या तीन चंद्र विजय श्रीनेत की अदालत में हुई। विशेष लोक अभियोजक मनोज गुप्ता एवं अकरम खान ने बताया कि अदालत ने पीड़िता के बयान के साथ-साथ घटना के वक्त मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आरोपी जमीर को नाबालिग से छेड़खानी का दोषी करार देते हुए उसे तीन साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।