आरपीएफ कर्मियों को मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह तीन बच्चे भटकते हुए मिले। तीनों को पूछताछ के बाद चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया है। तीनों बच्चों की उम्र 11-12 साल है। चाइल्ड लाइन के काउंसलरों ने उनसे बातचीत कर घर का पता व परिजनों का मोबाइल नंबर पूछा है।
इनमें दो मुस्लिम बच्चे सगे भाई हैं और झारखंड के गुड्डा जिले के महरमा थानाक्षेत्र के रहने वाले हैं। दोनों ने बताया कि वह पिछले कुछ माह से काशीपुर में अपनी चाची के पास रहते थे। वहां रहकर मदरसे में पढ़ाई कर रहे थे। आठ मई को झारखंड में उनकी बड़ी बहन की शादी है। चाची ने भेजने से मना कर दिया। दोनों बच्चों की जिद पर उन्हें खाना व कुछ रुपये देकर ट्रेन में बैठा दिया। दोनों मुरादाबाद पहुंच गए और आरपीएफ को रविवार सुबह छह बजे प्लेटफार्म नंबर एक पर स्थित पूछताछ केंद्र पर मिले।
दोनों को परिजनों से संपर्क की कोशिश की जा रही है। वहीं तीसरा बच्चा हरदोई के सैतियापुर थाना साढ़ी का रहने वाला है। उसके पिता ने फोन पर बताया कि वह घर से 10 बार भाग चुका है। उसका मन घर में नहीं लगता, बल्कि हरिद्वार जाकर पूजा पाठ करना चाहता है। जबकि बच्चे का कहना है कि माता-पिता उसके दादा-दादी से अलग रहते हैं। वह दादा-दादी के पास रहना चाहता है लेकिन माता-पिता नहीं जाने देते, इसलिए परेशान होकर घर से आया है। फिलहाल तीनों बच्चे बाल कल्याण समिति की देखरेख में रखे गए हैं।