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अनवा गांव में मिले धमकी भरे पत्रों का पर्दाफाश, वादी का भतीजा गिरफ्तार-00

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शाहबाद/रामपुर)। अनवा गांव में आतंकी संगठन के निशान बने झंडे के साथ धमकी भरे पत्र फेंकने की दो घटनाओं का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस के मुताबिक यह करतूत इस मामले के वादी कुलदीप के भतीजे अवशेष प्रताप सिंह उर्फ अभिषेक प्रताप सिंह की थी। उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।
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गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में अभिषेक ने धमकी भरे पत्रों के पीछे का जो मकसद खुलासा किया है, वो चौंकाने वाला है। एसपी अशोक कुमार ने बताया कि अभिषेक का कहना है कि आईएसआई जैसे आतंकी संगठनों के नामों का इस्तेमाल कर धमकी भरे पत्र फेंकने से इलाके में पुलिस की सक्रियता बढ़ेगी। इस सक्रियता से कोई आतंकी या बदमाश क्षेत्र से पकड़ में आ सकता है। ऐसी कोई गिरफ्तारी होने पर वह पुलिस सक्रियता बढ़ाने और बड़े बदमाश को गिरफ्तार करने का श्रेय लेगा और इसके बदले में उसे लेटरल एंट्री से बड़े पद पर सरकारी नौकरी मिल जाएगी।
अभिषेक का काल्पनिक प्लान जानने और उसकी गिरफ्तारी होने से चौंके उसके पिता भानु प्रताप ने बताया कि बीए की डिग्री लेने के बाद से बेटा यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। ऑनलाइन तैयारी के दौरान उसके घर से बहुत कम निकलने के कारण उन्हें लगता था कि वह गंभीरता से पढ़ाई कर रहा है।
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बता दें कि अनवा गांव में 21 जुलाई की सुबह कुलदीप के घर के दरवाजे पर गिफ्ट पैक जैसे बंडल में समान स्क्रिप्ट के चार पत्र मिले थे। इन पत्रों में कुलदीप, उनके भाई भानूप्रताप, प्रदीप के अलावा गांव के ही वीरपाल, गीता देवी के साथ सभी गांव वालों को जान से मारने की धमकी दी गई थी। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री का भी जिक्र किया गया था। खतरनाक गैस, पेनड्राइव, नक्शे जैसे शब्दों के इस्तेमाल के साथ एक कपड़े पर आतंकी संगठन आईएसआईएस के झंडे का निशान भी बनाया हुआ था।
कुलदीप की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 503, 505(2) और 506 (नुकसान पहुंचाने व जान से मारने की धमकी देने, असत्य कथन प्रचारित कर विभिन्न समुदायों में वैमनस्यता, घृणा, शत्रुता पैदा करने) में रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद नौ अगस्त को कुलदीप के भाई भानु प्रताप के घर धमकी भरा पत्र मिला था। उसमें खतरनाक केमिकल डाले जाने की धमकी भी लिखी थी। पुलिस ने बताया कि अभिषेक की गिरफ्तारी के बाद उसके चाचा कुलदीप की तहरीर पर दर्ज की रिपोर्ट से धारा 505 (2) हटाकर 153 ए (दो समुदायों में नफरत फैलाने का कृत्य) बढ़ाई जा रही है। अभिषेक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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