मुरादाबाद। प्रदेश के स्टांप शुल्क एवं निबंधन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने सपा सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के योग दिवस पर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि हिन्दुस्तान में देश की संस्कृति चलेगी। जो अलगाववादी विचार रखते हैं उनको भारत छोड़ देना चाहिए।
प्रदेश के राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल सर्किट हाउस में बुधवार की दोपहर विभाग के कार्योंं की समीक्षा कर रहे थे। योग दिवस पर पत्रकारों के सवालों के जवाब में मंत्री ने कहा कि हिन्दुस्तान में रहते हुए उनको ध्यान में रखना चाहिए कि यहां देश की ही संस्कृति चलेगी। हिन्दुस्तान अपनी संस्कृति के चलते विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। बता दें कि सपा सांसद ने बयान दिया था कि मदरसों का योग हिस्सा नहीं। मदरसे तो तालीम के लिए बने हैं। मदरसों में तालीम दिवस मनाना चाहिए। हर आदमी घर में योग कर सकता है।
सपा दगी हुई कारतूस का खोखा
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बारे में पूछने पर राज्य मंत्री ने कहा कि आर्मी में एक शब्द का इस्तेमाल होता है। जो कारतूस दग जाती है, वह खोखा हो जाती है। ये खोखा हो चुके हैं। इनके पास न कोई आदर्श है और नहीं विजन है। भाजपा को छोड़कर हर दल के लोग तुष्टिकरण का काम करते हैं। सपा कब्रिस्तान की रक्षा के लिए काम करती है। भाजपा कब्रिस्तान के साथ श्मशान को अच्छा करना चाहती है। दफ्तर में सिर्फ एक त्योहार नहीं होगा। वर्तमान सरकार में रोजा और नवरात्र दोनों होगा।
प्रदेश का दोगुना हो गया राजस्व
स्टांप राज्य मंत्री ने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए पावर ऑफ अटार्नी में बदलाव किया गया है। पहले बिल्डर और काॅलोनाइजर किसानों की जमीन का पॉवर ऑफ अटार्नी 50 रुपये के स्टांप पर लेते थे। इसके बाद उनकी जमीन ऊंचे रेट में बेच देते थे। नए नियम के तहत सिर्फ अपने खून के रिश्ते को ही पॉवर ऑफ अटार्नी दी जाएगी। दूसरे को जमीन देने पर सर्किल रेट के हिसाब से स्टांप शुल्क देना होगा। 2016-2017 में मुरादाबाद जिले का राजस्व 258 करोड़ था, लेकिन वर्तमान मेंं यह बढ़कर 479 करोड़ हो गया है। बगैर सर्किल रेट बढ़ाए प्रदेश में राजस्व बढ़कर 2600 करोड़ रुपये हो गया है। इसके पीछे दो कारण हैं। पहला कारण प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगों ने लोन लेकर मकान बनाए और कारोबारियों ने भी जमीन खरीदकर उद्योगों को विकसित किया। प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत होने के कारण कारोबार बढ़ने लगा।