अब जैद के परिजन भी इस घटना से स्तब्ध हैं, किसी से अपना दुख साझा करने के लिए शब्द भी नहीं जुटा पा रहे हैं। ज्ञात हो कि ये तीनों छात्र अपनी कक्षाओं में स्कूल के टॉपर रहे। इसके बाद कोटा पहुंचकर इनके जीवन में पढ़ाई या अन्य मुद्दों को लेकर ऐसी हलचल हुई, जिसने उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। वहीं मानसिक रोग विशेषज्ञों की मानें तो कोई भी व्यक्ति आत्मघाती कदम उठाने से पहले संकेत जरूर देता है। जरूरत है कि परिजन या दोस्त उसे समझें और समस्या पर खुलकर चर्चा करें। मनजोत के साथियों ने भी बताया था कि कोटा में आत्महत्या करने वाले छात्रों की सूची में अगला नाम उसका होगा लेकिन दोस्तों ने उसे मजाक समझा था। बहादुर सिंह ने भी फोन पर अपनी मां किरन को सहपाठी के साथ हुए झगड़े की जानकारी दी थी, जिसके बाद मां ने उसे समझाया था। हालांकि उन्हें ऐसी उम्मीद नहीं थी कि बेटा आत्महत्या कर लेगा।