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Moradabad News: मंडल में दरकने लगी सपा के किले की दीवारें

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मंडल में दरकने लगीं सपा के किले की दीवारें
या
अपने गढ़ में साइकिल की निकली हवा
- सपा का गढ़ कहा जाता है मुरादाबाद मंडल, हर बार पार्टी की बचाई है लाज
- विधानसभा चुनाव में 27 में से 17 सीटें जीतने वाली सपा 54 निकायों में से 17 पर जीती
- निर्दलीय और छोटे दलों ने मंडल में सपा से अधिक 19 निकायों में दर्ज की जीत
मोहम्मद सलाम खां
मुरादाबाद। समाजवादी पार्टी का गढ़ कहे जाने वाले मुरादाबाद मंडल में साइकिल हवा निकल गई। सपा के इस मजबूत किले की दीवारें दरकने लगी हैं। पहले रामपुर लोकसभा और विधानसभा सीट फिर स्वार विधानसभा सीट गंवाई। अब मंडल के 54 निकायों में से सिर्फ 17 पर ही सपा जीत दर्ज कर पाई। जबकि मंडल में सपा के 16 तो विधायक और तीन सांसद (एक राज्यसभा सांसद) हैं। ऐसे में मंडल में लगातार गिरते प्रदर्शन ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।
मुरादाबाद मंडल को सपा का गढ़ कहने के पीछे अब तक पार्टी का मजबूत प्रदर्शन मुख्य आधार है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में मोदी-योगी की लहर के आगे सपा 50 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई थी। इस लहर में सपा मंडल की 27 में से 13 सीटें जीतने में सफल रही थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा के साथ मिलकर छह सीटें जीतकर भाजपा का मंडल से सूपड़ा साफ कर दिया था। सपा और बसपा के खाते में तीन-तीन सीटें आईं थीं। यहीं नहीं 2022 के विधानसभा चुनाव में मंडल से सपा के 17 विधायक चुने गए। लेकिन रामपुर जिले के उपचुनाव और अब निकाय चुनाव के परिणाम सपा के किले की दीवारों के दरकने का इशारा कर रहे हैं। पिछले चुनाव में सपा ने मंडल के 54 में से 16 निकायों में जीत का परचम लहराया था। लेकिन इस बार यह संख्या 11 रह गई है। सपा से अधिक निर्दलीयों और छोटे दलों ने 19 निकायों में जीत दर्ज की। यही नहीं सपा के दिग्गज अपना किला नहीं बचा पाए। मुरादाबाद नगर निगम, अमरोहा नगर पालिका समेत कई सीटों पर सपा लड़ाई से बाहर रही।
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छह प्रमुख निकायों में मिली हार, चार में लड़ाई से रही बाहर
मंडल में सपा के दिग्गज नेताओं की भरमार है। आजम खां, डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क, नवाब इकबाल महमूद, महबूब अली जैसे सपा नेता विधायक की लंबी पारी खेल चुके हैं। बावजूद इसके ये दिग्गज अपने-अपने जिले के प्रमुख निकायों में पार्टी को जिता नहीं सके। यहीं नहीं मुरादाबाद नगर निगम, संभल, अमरोहा, रामपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए सपा लड़ाई में ही नहीं दिखी। सिर्फ बिजनौर और चंदौसी में सपा दूसरे नंबर पर रही। संभल पालिका अध्यक्ष के चुनाव में डॉ. बर्क के बागी तेवर के कारण सपा से दूर रहे लेकिन जिस निर्दलीय प्रत्याशी पर उन्होंने दांव लगाया उसे भी हार मिली।
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मंडल के निकायों में किसको कितनी सीटें मिली
- मुरादाबाद जिले के 11 निकायों से तीन पर भाजपा और दो पर सपा विजयी रही। कांग्रेस, आप, बसपा, एआईएमआईएम के खाते में एक-एक सीट आई।
- रामपुर जिले के 11 निकायों में भाजपा गठबंधन और सपा को तीन-तीन, आप को दो और निर्दलीयों को तीन सीटें मिली हैं।
- अमरोहा जिले के नौ निकायों में तीन पर भाजपा, दो-दो पर सपा, बसपा, एक-एक सीट पर रालोद और आप ने जीत दर्ज की है।
- संभल जिले के आठ निकायों में से पांच सीटों पर भाजपा जीती, जबकि सपा, एआईएमआईएम और निर्दलीय उम्मीदवार को एक-एक सीट मिली है।
- बिजनौर जिले के 18 नगर निकायों में भाजपा और सपा को तीन-तीन, रालोद को दो, आरजेडी, आप, कांग्रेस के खाते में एक-एक सीट आई है। सात सीटों पर निर्दलीय विजयी रहे।
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किस चुनाव में मंडल में सपा को कितनी सीट मिली
- 2017 के विधानसभा चुनाव में 27 में 13 सीटें जीतीं
- 2012 के विधानसभा चुनाव में 27 में 17 सीटें जीतीं
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