कांठ। दोहरे हत्याकांड में न्यायालय द्वारा छह आरोपियों को दोषी करार दिए जाने के मामले में मृतकों के परिजनों व गांव वालों ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए।
छजलैट थाने के गांव मधी निवासी शीशपाल सिंह वर्ष 2012 में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर अमरोहा के तिगरी मेले में परिवार के साथ गए थे। यहां 27 नबंवर 2012 को शीशपाल सिंह के बेटे प्रिंस और रिश्तेदार नवनीत को आरोपी अपने साथ ले गए थे। जब दोनों वापस नहीं आए तो शीशपाल सिंह ने इनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अगले दिन दोनों के शव गंगा नदी से बरामद हुए थे। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने सीधे मुकदमा दर्ज नहीं किया तो अदालत दरवाजा खटखटाया गया। तब पुलिस ने अदालत के आदेश पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मंगलवार को अदालत ने सभी छह आरोपियों को दोषी करार दे दिया। इस मामले जल्द ही सजा भी सुनाई जाएगी। अदालत के इस फैसले से मृतकों के परिजन संतुष्ट तो हैं, लेकिन वह चाहते हैं कि आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई जाए। मृतक प्रिंस के तहेरे भाई प्रदीप का कहना है कि उन्हें अदालत पर पूर्ण भरोसा है कि उन्हें न्याय मिलेगा। वहीं गांव मधी के धूम सिंह ने कहा कि आरोपी दोष सिद्ध हो गए हैं, इससे पीड़ित परिवार को काफी उम्मीद जागी है। न्यायालय सभी आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दे। वहीं गांव के ही सतवीर सिंह ने भी न्यायालय के निर्णय पर संतोष जताते हुए कहा कि सजा में कोई रहम नहीं होना चाहिए।
दोहरे हत्याकांड में मारा गया प्रिंस अपने माता पिता की इकलौती संतान था। पिता किसानी करते हैं, वह और परिजन रात दिन प्रिंस की मौत का गम भुला नहीं पाते। वह भी यही चाहते हैं कि दोषियों को फांसी की सजा हो। संवाद