सिविल लाइंस के काजीपुरा निवासी डॉ. जाबिर अली ने बताया कि 27 जनवरी वह काजीपुरा स्थित अपने क्लीनिक में बैठकर मरीज देख रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अंजान नंबर से कॉल आई। ट्रू कॉलर पर शर्मा जी लिखा आ रहा था। आरोपी ने डॉक्टर से काफी देर बातचीत की और उनके व उनके परिवार की खैर खबर पूछी। डॉक्टर के एक दरोगा परिचित हैं। डॉक्टर उन्हें भी शर्मा जी के नाम से ही जानते हैं। वह अक्सर उनकी क्लीनिक पर दवा लेने आते हैं।
इसी बीच ठग ने कहा कि उसकी मां अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टर को पैसे भेजने हैं। वह सीधे डॉक्टर के खाते में पैसे भेजने का प्रयास का रहा रहा लेकिन सफल नहीं हो पा रहा है। गूगल-पे पर कुछ दिक्कत हो रही है। ठग ने डॉक्टर से कहा कि वह आपके खाते में रकम ट्रांसफर कर रहा है। आप उन पैसे को डॉक्टर को भेज देना। आरोपी ने पहले 25 हजार और फिर 35 हजार रुपये का टेक्स्ट मैसेज भेजा।
इस पर डॉक्टर को विश्वास हो गया। उन्होंने बिना बैलेंस चेक किए आरोपी के बताए नंबर पर गूगल-पे से 60 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी ने क्यूआर कोड भेज दिया। जिसके जरिये आरोपी ने 39 हजार रुपये और ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद डॉक्टर का खाता खाली हो गया। उनके मोबाइल पर आए मैसेज से साइबर ठगी की जानकारी हो पाई। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है।