ठाकुरद्वारा। गांव फरीदनगर में करीब सात माह पूर्व प्रधानी पद के चुनाव के दो दावेदारों के समर्थकों में जमकर मारपीट हुई थी। जमकर डंडे और ईंट पत्थर चले थे। एक पक्ष ने पुलिस पर कार्रवाई न करने की शिकायत डीआईजी से की है। डीआईजी के आदेश पर शनिवार को एसपी ग्रामीण कुंवर आकाश सिंह सीओ आशीष प्रताप सिंह और कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मनोज परमार के साथ जांच के लिए फरीदनगर पहुंचे। 16 दिसंबर 25 को गांव के प्रधान पद के दो दावेदारों के समर्थक आमने-सामने आ गए थे। जमकर ईंट पत्थर और डंडे चले थे। दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए थे। उनका सरकारी अस्पताल में मेडिकल हुआ था। पुलिस ने गांव में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए 144 लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की थी। इनमें प्रधान पति अतीक कुरैशी, तहसीन, एजाज आदि शामिल थे लेकिन एक पक्ष पुलिस किसी कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। इस पक्ष के मौलाना नफीस ने डीआईजी को प्रार्थना पत्र देकर पुलिस पर दूसरे पक्ष के दबाव में कानूनी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। डीआईजी ने एसपी ग्रामीण को स्वयं मौके पर जाकर जांच करने की आदेश दिए। आदेश के अंतर्गत एसपी ग्रामीण अपराह्न करीब 3:00 बजे गांव में पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल के पर सड़क पर दोनों पक्षों को बुलाया। उनसे घटना के बारे में जानकारी ली। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। फिर वापस लौट गए। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मनोज परमार का कहना है कि दोनों पक्षों के खिलाफ की गई निरोधात्मक कार्रवाई को छह माह पूरे हो गए हैं। इसलिए दोनों पक्षों का खिलाफ फिर से शांति भंग की आशंका में निरोधात्मक करवाई की जाएगी।