एक परिषदीय विद्यालय की प्रधान अध्यापिका ने एआरपी और खंड शिक्षा अधिकारी पर शारीरिक और मानसिक शोषण के आरोप लगाए थे। इसकी शिकायत उन्होंने महानिदेशक स्कूल शिक्षा से की थी। मामले में महानिदेशक ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को जांच सौंपी है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा द्वारा जारी किए गए पत्र के अनुसार मुरादाबाद के एक परिषदीय विद्यालय की प्रधान अध्यापिका ने एआरपी पर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। शिकायत के अनुसार एआरपी प्रधान अध्यापिका से गलत मंशा के साथ बात करता था। जब प्रधान अध्यापिका ने मामले का विरोध किया तो एआरपी ने साजिश के तहत अपनी पत्नी का स्थानांतरण उसके विद्यालय में करा दिया। इसके बाद एआरपी की पत्नी ने अन्य स्टॉफ के साथ मिलकर ब्लैकमेल करने के लिए शिकायत करना शुरू कर दिया। इसके साथ ही एआरपी ने खंड शिक्षा अधिकारी के नाम पर अभद्र व्यवहार और पांच हजार रुपये की मांग की। प्रधानाध्यापिका का आरोप है कि जब एआरपी और खंड शिक्षा अधिकारी की बात नहीं मानी तो दोनों ने साजिश करके उसे निलंबित कर दिया। प्रधानाध्यापिका ने मामले में कार्रवाई की मांग की है। बीएसए विमलेश कुमार के अनुसार महानिदेशक के निर्देशों के संबंध में जानकारी नहीं है।