सिपाही भर्ती परीक्षा में सेंधमारी की कोशिश में पकड़े गए सॉल्वर और अभ्यर्थियों के साथी अब तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाए हैं। अब तक ये भी साफ नहीं हो पाया है कि बिहार से कितने सॉल्वर मुरादाबाद में अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने आए थे। कोई ऐसा सॉल्वर तो नहीं रहा जो पुलिस को चकमा देकर परीक्षा देने में सफल हो गया है।
सॉल्वर गैंग के सरगना अभिनव आलोक और उसके गुर्गों की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं। सिविल लाइंस स्थित महाराज अग्रसेन इंटर कॉलेज में सिपाही भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थी ठाकुरद्वारा के शिव नगर पत्थरखेड़ा निवासी अभिषेक कुमार की जगह परीक्षा देते हुए बिहार का सॉल्वर अवनीश कुमार पकड़ा गया था।
उससे पूछताछ के बाद ही अवनीश और एक अन्य अभ्यर्थी मनीष यादव को गिरफ्तार किया गया था। डिलारी के इग्राहा सहसपुरी निवासी मनीष की जगह बिहार के जमुई निवासी कुमार गौरव परीक्षा देने आया था लेकिन अवनीश के पकड़े जाने के बाद कुमार गौरव और गिरोह का सरगना अभिनव आलोक भाग गए थे।
सॉल्वर अवनीश और कुमार गौरव को बिहार के चंपारण जनपद के बरवाड़ा सितार ढाका निवासी अभिनव आलोक लेकर आया था। जबकि अभिषेक और मनीष से ठाकुरद्वारा के राजोपुर मिलक निवासी योगेश यादव और उसके रिश्तेदार सुचित कुमार निवासी विजय नगर डूगरपुर थाना ठाकुरद्वारा ने दस-दस लाख रुपये में सॉल्वर बैठाने का सौदा तय किया था।
सॉल्वर अवनीश और अभ्यर्थी अभिषेक और मनीष को जेल भेजने से पहले पुलिस ने पूछताछ की थी। उन्होंने बताया कि अभिनव आलोक बिहार से यूपी और अन्य प्रदेशों में होने वाली भर्तियों में सॉल्वर पहुंचाने का काम करता है। उसने यूपी पुलिस में सॉल्वर उपलब्ध कराए हैं।
उधर, अभ्यर्थी अभिषेक और मनीष ने भी पुलिस को पूछताछ में जानकारी दी थी कि योगेश और सुचित ने अन्य अभ्यर्थियों से सॉल्वर की बात कही थी लेकिन उन्हें ये सटीक जानकारी नहीं है किन किन की जगह सॉल्वर बैठाए गए हैं।
अब योगेश, सुचित और बिहार निवासी अभिनव आलोक की गिरफ्तार के बाद ही तस्वीर साफ हो जाएगी कि कितने सॉल्वर बिहार से बुलाए गए थे। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश में टीमें लगी हैं जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उनके संभावित ठिकानों पर भी दबिश दी गई थी।