इस संबंध में उसकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। नर्सिंग होम संचालक परवेज का कहना है कि हमारे पास सारे दस्तावेज उपलब्ध हैं। डिप्टी सीएमओ ने कुछ रुपयों की मांग रिश्वत के तौर पर की थी। उन्होंने मना कर दिया तो नर्सिंग होम को सील कर दिया गया। ज्ञात हो कि डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार पर रिश्वत के आरोप का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले बिलारी में भी उनके सील लगाने के बाद संचालक ने क्लीनिक खोल लिया था और यही बात कही थी। इस मामले में डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र ने कहा कि करूला में रहमत नर्सिंग होम बिना पंजीकरण चलाया जा रहा था।संचालक के पास बीएनवाईएस की डिग्री है और वह एलोपैथ में प्रैक्टिस कर रहा था। उसके पास ड्रग लाइसेंस भी नहीं मिला लेकिन अस्पताल में भारी मात्रा में दवाएं पाई गईं। नर्सिंग होम में आठ मरीज भर्ती भी मिले। नियमानुसार सील लगाई गई थी। संचालक के खिलाफ पुलिस को तहरीर भी दे दी है।