मुरादाबाद में हाईकोर्ट के आदेश पर बुद्धि विहार स्थित प्राचीन नीलकंठ मंदिर पर आवास विकास परिषद द्वारा लगाई गई सील को लोगों ने सात घंटे में ही तोड़ दिया। आवास विकास के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार ने कहा कि उन्हें सील टूटने की जानकारी नहीं है।
वहीं सील टूटने के बाद शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा की। सोमवार को हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी। पार्क बचाओ पर्यावरण बचाओ समिति के सदस्य नीरज कुमार त्यागी ने बुद्धि विहार सेक्टर-सात स्थित पार्क में मंदिर निर्माण कराने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट ने मंदिर को सील करने का आदेश दिया था। इसी आदेश के तहत आवास विकास परिषद ने शुक्रवार की दोपहर 12 बजे प्राचीन नीलकंठ मंदिर को सील कर दिया था। साथ ही दरवाजे पर दीवार पर नोटिस चस्पा कर दिया था।
हालांकि, सात घंटे बाद ही शुक्रवार की शाम को अंधेरा होने पर कुछ लोगों ने मंदिर पर लगाई गई सील तोड़ दी थी। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मंदिर में पूजा और आरती की थी। इसकी जानकारी मिलने पर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई।
शनिवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा की। आवास विकास के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार ने बताया कि मंदिर की सील टूटने की जानकारी नहीं है। वहीं अन्य विभागीय अधिकारियों ने भी इस मुद्दे पर बोलने से इनकार कर दिया।
इस मामले की हाईकोर्ट में आठ जुलाई को सुनवाई है। आवास विकास विभाग को कोर्ट में जवाब दाखिल करना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सील तोड़ने वालों का कोई नाम नहीं बताएगा। यह मामला धार्मिक आस्था से जुड़ा है।
महिलाओं ने जताई नाराजगी
शनिवार को पूजा करने के लिए मंदिर में महिलाओं की काफी भीड़ जुटी रही। महिलाओं ने कहा कि पता नहीं किसे मंदिर से समस्या हो रही है। मंदिर से कोई रुकावट भी नहीं है। सावन आने वाला है। बुजुर्ग या बच्चे कहां जल चढ़ाने जाएंगे। बुद्धि विहार के किसी सेक्टर में दूर-दूर तक शिव मंदिर नहीं है।
मंदिर पर मौजूद रामेश्वरी शर्मा, गीतांजलि पांडेय, ऋचा पांडेय, नीलम सिंह और डॉ. ऋतु यादव ने आवास विकास द्वारा की गई कार्रवाई पर नाराजगी जताई। मंदिर सील होने पर कुछ महिलाएं रोने भी लगी थीं। महिलाओं ने कहा कि मंदिर के खिलाफ कार्रवाई बर्दाश्त नहीं जाएगी।
मंदिर सील करने के विरोध में शिवसेना का प्रदर्शन
शिवसेना उद्धव गुट के कार्यकर्ताओं ने बुद्धि विहार स्थित प्राचीन नीलकंठ मंदिर सील किए जाने के विरोध में शनिवार को जेल रोड से डीएम कार्यालय तक जुलूस निकाला। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना नहीं शुरू हुई तो शिवसैनिक आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेंगे।
शिवसेना के जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा के नेतृत्व में शिवसैनिकों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद मंदिर के समर्थन में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में कहा कि हिंदुओं के लिए नीलकंठ मंदिर आस्था का सवाल है।
भाजपा सरकार में मंदिर का सील होना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस प्रकार की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान कमल सिंह राव, विपिन भटनागर, इंद्रजीत सिंह, मुदित उपाध्याय, शिबू पांडे, राजीव राठौर, अरुण ठाकुर, उमेश ठाकुर, राहुल, पंकज पाल आदि मौजूद रहे।