पिछले 20 दिन से आसमान से बरसती आग से जीना दूभर हो गया है। इंसान ही नहीं, पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। भीषण गर्मी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। हीट वेव और लू के थपेड़े बेचैनी बढ़ा रहे हैं। सूरज निकलने के साथ धूप की जो तपिश शुरू होती है, वह आधी रात तक बरकरार रहती है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर कम हो रहा है। न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सुबह दस बजे के बाद से कालोनियों में सन्नाटा पसर जाता है। दोपहर के समय बाजारों में और प्रमुख चौराहों पर इक्का-दुक्का दोपहिया वाहन चालक नजर आते हैं। दोपहिया वाहन चालक सूती कपड़े से खुद को लपेटे हुए होते हैं तो वहीं कार में बिना एसी चलाए बैठना मुश्किल है। इसके बावजूद गर्मी से राहत नहीं मिलती है। स्थिति यह है कि रात 11 बजे भी गर्म हवाएं झुलसाती हैं। रात को भीषण गर्मी सोने नहीं दे रही है। पंखा की हवा गर्म हो रही है तो वहीं कूलर की हवा भी ठंडी नहीं लग रही है।
सामान्य से 5.9 डिग्री अधिक तापमान
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.9 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान सामान्य से 4.7 डिग्री सेल्सियस अधिक है। सुबह वातावरण में नमी 38 फीसदी थी, जो शाम को सिर्फ 20 फीसदी रह गई।
- 17 जून तक वातावरण एकदम सूखा है। इसके बाद पहाड़ों से नमी आएगी तो 18 जून को मुरादाबाद और उसके आसपास के क्षेत्रों में बादल आ सकते हैं। मानसून एक सप्ताह देरी से आ रहा है। इसलिए 22 या 23 जून के आसपास प्री मानसून की बौछार आने की संभावना है। - डाॅ. आरके सिंह, मौसम वैज्ञानिक, पंतनगर विश्वविद्यालय