कांठ तहसील के दरियापुर गांव को जोड़ने के लिए चार किलोमीटर सड़क और बूढ़ी रामगंगा नदी पर 58.12 मीटर लंबे पुल का निर्माण करने के लिए 910.66 लाख रुपये का प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग ने शासन को भेजा था। यह प्रस्ताव भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं एमएलसी चौधरी भूपेंद्र सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व राज्यसभा सांसद सैय्यद जफर इस्लाम के अनुरोध पर तैयार किया गया था। करीब डेढ़ साल के मंथन के बाद नाबार्ड ने प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए सड़क और पुल निर्माण के लिए 874.81 लाख रुपये की मंजूरी दी।
पहली किस्त के रूप में 344.64 लाख रुपये की राशि भेजी गई। दरियापुर के लोग पुल और सड़क की स्वीकृति मिलने के बाद खुशी से झूम उठे। क्योंकि बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल जाने के लिए पानी में तैरकर जाना पड़ता है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता नवेद खां का कहना है कि पुल निर्माणाधीन है। ढाई किलोमीटर सड़क पर मिट्टी और गिट्टी का काम पूरा हो गया है। यहां डेढ़ किलोमीटर सड़क वन विभाग के क्षेत्र में आती है। वहीं रास्ते में पेड़ पौधे भी नहीं हैं, फिर भी वन विभाग जमीन के बदले जमीन की मांग कर रहा है। इस मामले में जिला प्रशासन ने जमीन का सर्वे भी कराया है।
ग्रामीण सड़क और पुल के लिए सड़क पर उतरे थे
चार किलोमीटर सड़क और पुल की मांग को लेकर दरियापुर के ग्रामीणों ने कई दिनों तक धरना प्रदर्शन किया। अमर उजाला ने उनकी मुहिम को आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, विधायक, सांसद, राज्यसभा सांसद, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, एमएलसी, लोक निर्माण विभाग मंत्री आदि कई जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखा था। अधिकारियों के यहां चक्कर भी लगाए। अंत में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह ने उनकी आवाज सुनीं। तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के प्रयास से पुल और सड़क को शासन से धन की स्वीकृति मिली।
दरियापुर के पुल और सड़क निर्माण के निर्माण की प्रगति के बारे में जानकारी नहीं है। शीघ्र ही लोनिवि के अभियंताओं के साथ बैठक कर कार्यों की समीक्षा की जाएगी। मानवेंद्र सिंह सिंह,डीएम मुरादाबाद