मुरादाबाद। भोजपुर निवासी किसान रिहानउद्दीन की हत्या मकान खाली कराने के विवाद में की गई थी। सोमवार को पुलिस ने किसान के किरायेदार आदिल और उसके चचेरे भाई अलीम व एक अन्य नाहिद को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। केस में नामजद किए गए आरोपियों में आदिल शामिल है। हत्यारोपियों ने पुलिस पूछताछ में हत्याकांड को अंजाम देने की बात कबूली है।
एसएसपी हेमराज मीना ने सोमवार दोपहर पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि भगतपुर थानाक्षेत्र के निवाड़खास गांव के जंगल में 17 फरवरी को भोजपुर के जमीदारान मोहल्ला निवासी किसान रिहानउद्दीन (53) का शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला था कि हत्यारोपियों ने बाइक का पहिया उनके सीने पर चढ़ाया और ईंट से सिर कुचल दिया था जबकि पायजामे के नाड़े से उनका गला भी घोंटा गया था। रिहानउद्दीन के भाई कमरुद्दीन ने इस मामले में नईमुद्दीन, उसके बेटे अरबाजउद्दीन, कामिल रफी, सईद , इरफान, आदिल पुत्र खलील समेत तीन अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था। मामले में नामजद आरोपी आदिल और भगतपुर के मल्हूपुरा निवासी अलीम बेग और नाहिद के नाम प्रकाश में आए हैं। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया। पूछताछ करने पर तीनों ने जुर्म कबूला है। आरोपी आदिल ने बताया कि वह रिहानउद्दीन के मकान में दस साल से किराये पर रह रहे हैं।
अब रिहानउद्दीन मकान खाली करने को कह रहे थे। उन्हें मकान के 15 लाख रुपये देने के लिए भी कहा गया, लेकिन उन्होंने रुपये लेने से इनकार कर दिया था। तब आरोपी आदिल ने पंद्रह लाख रुपये अलीम बेग और नाहिद को देने के लिए कहा। इसके बाद तीनों ने योजना बनाकर किसान को बातचीत करने के बहाने अपने पास जंगल में बुला लिया और हत्या कर दी गई थी। इसके बाद शव फेंक कर मौके से भाग गए थे। एसपी देहात संदीप मीना ने बताया कि तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।