मूंढापांडे क्षेत्र के गांव में बुधवार रात युवती और उसकी बहन को अगवा करने के विरोध में भाई, मां-बाप को गोली मारने वाले चारों आरोपी तीन माह से फरार चल रहे हैं। इनके खिलाफ संभल जनपद के बहजोई थाने में अपहरण का केस दर्ज केस दर्ज है। अस्पताल में भर्ती घायल फर्म कर्मी का आरोप है कि दरोगा ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनसे 25 हजार रुपये लिए, लेकिन अब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया। डीआईजी मुनिराज जी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रामपुर के एएसपी को जांच करने का आदेश दिया है।
घायल फर्म कर्मी ने बताया कि आरोपी मुस्लिम उसकी बेटी को कई साल से परेशान कर रहा था। जिससे तंग आने के बाद उसने बेटी की शादी संभल के बहजोई थाना क्षेत्र के गांव निवासी युवक के साथ कर दी थी। युवती का पति डीजे बजाने का काम करता है। आरोपी मुस्लिम, अपने पिता नन्हें, चाचा आले हसन और सुलेमान के साथ युवती के ससुराल पहुंच गया था। आरोपियों ने डीजे बुक कराने के बहाने चार मार्च की रात दरवाजा खुलवाया था। इसके बाद आरोपी युवती को तमंचे के बल पर अगवा कर ले गए थे। इस मामले में बहजोई थाने में दस मार्च को चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। 16 अप्रैल को पुलिस ने युवती को राजस्थान से बरामद कर लिया था, लेकिन आरोपियों को फिर भी गिरफ्तार नहीं किया गया। युवती के पिता का कहना है कि एक दरोगा और कुछ पुलिसकर्मियों ने उनसे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये भी लिए थे।
पीड़ित का कहना है कि उसने 15 हजार रुपये चंदौसी कचहरी और 10 हजार रुपये चौकी पर दिए थे। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत डीआईजी से भी की है। डीआईजी मुनिराज जी ने बताया कि अब तक आरोपियों की गिरफ्तार क्यों नहीं हुई है, किस स्तर पर लापरवाही हुई है, इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। रामपुर के एएसपी को जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। जांच रिपोर्ट के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
16 अप्रैल से ससुराल नहीं गई युवती
युवती के पिता ने बताया कि पुलिस ने 16 अप्रैल को उसकी बेटी बरामद किया था। उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराए थे। इसके बाद पुलिस ने युवती को परिवार को सौंप दिया था। इसके बाद से युवती अपने मायके में ही रहती है। वह ससुराल भी नहीं गई। पिता का कहना है कि केस चल रहा है, इसलिए बेटी को ससुराल नहीं भेजा।
भाई की हालत अब भी गंभीर
आरोपियों ने युवती के मां-बाप और भाई को गोली मारी थी। भाई के सीने पर तमंचा सटाकर गोली मारी गई है जबकि मां के पैर और पिता के हाथ में गोली मारी गई थी। इस दौरान आरोपियों ने चार राउंड फायरिंग की थी। इसके अलावा पिता के हाथ पर किसी धारदार हथियार से भी हमला किया गया था। भाई की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल से रेफर कर दिया गया है। अब डीएमयू में उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
डीआईजी ने गठित की पुलिस की पांच टीमें
डीआईजी मुनिराज जी ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमों का गठन कर दिया है। सीओ हाईवे, मूंढापांडे थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज के अलावा एसओजी प्रभारी के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया है। सभी टीमें अपने अपने स्तर से आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।