कांठ। बेसिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षिकाओं के लिए टीईटी की अनिवार्यता का शिक्षक संगठनों के आह्वान पर बेसिक शिक्षकों द्वारा विरोध जताया जा रहा है। वह अपनी बांह में काली पट्टियां बांधकर स्कूलों में कार्य कर विरोध दर्शा रहे हैं। विकास खंड छजलैट के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल और कम्पोजिट विद्यालयों के शिक्षक व शिक्षिकाएं उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के आह्वान पर 22 फरवरी से और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ पदाधिकारियों के आह्वान पर 23 फरवरी से अपनी बांह में काली पट्टियां बांधकर स्कूलों में कार्य करते हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का विरोध कर रहे हैं। सभी परीषदीय स्कूलों में मंगलवार को भी शिक्षकों का काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन जारी रहा। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के छजलैट ब्लॉक अध्यक्ष आदर्श त्यागी ने मंगलवार को कहा कि सभी शिक्षक संगठन एक मंच पर आकर सामूहिक रूप से टीईटी का विरोध कर रहे हैं, यह शिक्षकों की एकता का ही परिणाम है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक के जिला उपाध्यक्ष व छजलैट ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. कपिल सिरोही का कहना है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) शिक्षकों हित में नहीं है। इससे स्कूलों में कार्य कर रहे शिक्षकों का भविष्य अंधकार में है। सरकार को इसके लिए शिक्षकों हित में ठोस कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 25 फरवरी तक स्कूलों में सामूहिक रूप से बांह में काली पट्टियां बांधकर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।