उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने ऑनलाइन हाजिरी का विरोध किया। प्रदेशीय कार्यसमिति की लखनऊ में हुई बैठक में डिजिटलाइजेशन की परेशानियों पर चर्चा की गई। इस संबंध में ब्लॉक स्तर पर मंगलवार को बैठक होगी।
लखनऊ में हुई बैठक में जिले से जिलाध्यक्ष सर्वेश कुमार शर्मा और मंत्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने प्रतिभाग किया। पदाधिकारियों ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा दूसरे कर्मचारियों को प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को अवकाश, 14 आकस्मिक अवकाश, 31 अर्जित अवकाश दिए जाते हैं। कार्यालय आने जाने के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसके बाद भी उनकी डिजिटल उपस्थिति नहीं ली जा रही है।
वहीं शिक्षक को मात्र 14 आकस्मिक अवकाश वर्ष में दिए जाते हैं, फिर भी उन्हें डिजिटल उपस्थिति के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है। जब तक डिजिटलाइजेशन प्रक्रिया में शिक्षकों को आ रही समस्याओं का समाधान नहीं कर दिया जाता और उन्हें भी विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों की तरह सुविधाएं नहीं दी जातीं, तब तक शिक्षक डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया शुरू नहीं करेंगे।
सभी ब्लाॅकों पर होगी बैठक
पदाधिकारियों ने बताया कि नौ जुलाई को प्रत्येक ब्लाॅक कार्यकारिणी की बैठक आयोजित कर विरोध की घोषणा की जाएगी। इसके बाद शिक्षकों की टोली बनाकर स्कूलों में भ्रमण करके शिक्षकों को आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। 23 जुलाई को प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
संघ के प्रांतीय नेतृत्व द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन हाजिरी का विरोध किया जाएगा। सिर्फ शिक्षकों के लिए ऑनलाइन हाजिरी का कोई औचित्य नहीं है। अधिकारियों और बाबुओं को इससे क्यों अलग रखा गया है। ऑनलाइन हाजिरी का बहिष्कार किया जाएगा। - राकेश कौशिक, महानगर अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ मुरादाबाद।