बिलारी। क्षेत्र के अमरपुरकाशी के ग्रामीणों ने कॉलेज के शिक्षक पर दूसरे कॉलेज के छात्र को कमरे में बंद कर पीटने का आरोप लगाते हुए कॉलेज के गेट पर दो घंटे तक धरना दिया। आरोपी शिक्षक के खिलाफ कॉलेज प्रबंध तंत्र की ओर से कार्रवाई किए जाने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने धरना खत्म किया।
अमरपुरकाशी गांव में रतनपुर रोड पर कॉलेज के सामने स्थित पार्क में बुधवार सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष पहुंचे तथा दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि मंगलवार को कॉलेज में खेल प्रतियोगिता आयोजन के दौरान खेल देखने के लिए कॉलेज के अलावा अन्य स्कूलों के छात्र भी पहुंच गए तभी कॉलेज के एक शिक्षक ने अमरपुरकाशी निवासी सैनी जाति के एक छात्र को उसकी जाति पूछने के बाद कॉलेज के कमरे में बंद करके पीटा। जब तक आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तब तक धरना दिया जाएगा।
आक्रोशित ग्रामीणों ने कई बार शिक्षक के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया। सूचना मिलने पर थाना बिलारी की अमरपुरकाशी पुलिस चौकी के प्रभारी विनोद कुमार सिंह और एसडीएम विनय कुमार सिंह भी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम ने पहले तो आक्रोशित ग्रामीणों और कॉलेज प्रधानाचार्य से मिलकर दोनों पक्षों को सुना। बाद में एसडीएम कॉलेज प्रधानाचार्य को अपने साथ लेकर ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि शिक्षक की गलती गई तब अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रधानाचार्य ने भी ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। धरना प्रदर्शन में मेघराज सैनी, ओमवीर सैनी, जागन सैनी, कैलाश सैनी, महेंद्र सैनी, ओमप्रकाश सैनी, रामकिशोर सैनी, रामवती, कलावती, लज्जावती, प्रेमवती, रामोदेवी आदि शामिल रहे।
अमरपुरकाशी स्थित मीरा अग्रवाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य विनोद कुमार मिश्र का कहना है कि ग्रामीणों ने कॉलेज के जिस शिक्षक के खिलाफ शिकायत की है उसे नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। कॉलेज प्रधानाचार्य के अनुसार जांच में पता चला है कि कॉलेज में खेल प्रतियोगिता आयोजन के दौरान कुछ दूसरे स्कूलों के छात्र और गांव के बच्चे कॉलेज भवन की छत पर चढ़कर अपने मोबाइल से छात्राओं की वीडियो बनाने लगे। कॉलेज शिक्षक ने ऐसे बाहरी छात्रों को डांटते हुए वीडियो न बनाने की हिदायत की थी। हालांकि यह प्रकरण मंगलवार शाम को वार्ता होने के बाद निपट गया था कुछ लोगों ने बाद में अनावश्यक तूल दिया।