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Moradabad News: महीने में चार दिन आते थे सर्जन, बाकी दिन झोलाछाप के सहारे

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मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा के एबीएम अस्पताल में जिन सर्जन के नाम पर सर्जरी के मरीज भर्ती किए जाते थे, वह सिर्फ महीने में चार दिन ही आते थे। यह बात खुद सर्जन डॉ. सरताज आलम ने स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि जुलाई में वह काशीपुर से मुरादाबाद रहने आ गए। यहां दूसरे अस्पताल में उन्होंने सर्जन के तौर पर नियुक्ति ले ली।
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इसके बाद एबीएम अस्पताल में आना-जाना कम कर दिया। ऑन कॉल डॉक्टर के तौर पर सप्ताह में एक दिन ही जाते थे। ऐसे में प्रश्न उठ रहा है कि बाकी दिन डिलीवरी व सर्जरी कौन करता था। मरीज झोलाछाप के हवाले रहते थे। स्वास्थ्य विभाग हर बिंदु पर पड़ताल कर रहा है। 17 अगस्त की रात अस्पताल में नर्स को बंधक बनाकर दुष्कर्म की घटना की बाद 18 अगस्त को जब पुलिस व स्वास्थ्य विभाग का छापा अस्पताल पर पड़ा तो डॉ. सरताज एबीएम अस्पताल में ऑपरेशन कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि डिलीवरी का गंभीर केस था। महिला डॉक्टर अस्पताल में नहीं थीं, उन्होंने ही सर्जरी की और जज्जा-बच्चा को बचाया। इसके बाद पुलिस शाहनवाज को ले गई। स्टाफ में अफरातफरी मची तो वह भी घबराकर वहां से चले गए। ऑपरेशन के बाद मरीज को उन्होंने यूं ही छोड़ दिया। सर्जरी की फाइल पर हस्ताक्षर भी नहीं किए। यह बात डॉ. सरताज ने अपने बयान में दर्ज कराई है।
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अब एनेस्थेटिस्ट से होगी पूछताछ
सर्जन डॉ. सरताज ने सीएमओ को दिए बयान में बताया है कि जिन मरीजों की सर्जरी हुई है। उन्हें डॉ. अरुण जैन ने एनेस्थीसिया (निष्चेतना इंजेक्शन) दिया था। वहीं पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम के आने से पहले सर्जरी के कई मरीजों को वहां से शिफ्ट करने के मामले में भी पूछताछ चल रही है। इस मामले में शाहनवाज के अलावा सर्जन डॉ. सरताज को भी शक के दायरे में रखा गया है। उनकी भूमिका जांच टीम को संदिग्ध लग रही है।


डॉ. सरताज पर लटकी कार्रवाई की तलवार
सर्जरी के मरीजों को बिना देखरेख छोड़ने के मामले में सर्जन डॉ. सरताज पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इसे अपराध की श्रेणी में मेडिकल नेग्लीजेंसी का मामला मानते हुए विभाग कार्रवाई कर सकता है। वहीं चर्चा है कि मेडिकल काउंसिल से डॉ. सरताज का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश भी की जा सकती है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर विभागीय अधिकारियों ने इस मामले में बयान नहीं दिया है। एनेस्थेटिक डॉक्टर के बयान दर्ज होने के बाद सर्जन के बयानों से मिलाया जाएगा।


एबीएम अस्पताल के दोनों डॉक्टरों के अलावा एनेस्थेटिक के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। इस मामले की रिपोर्ट हमें प्रशासन को सौंपनी है। जांच पूरी करने में दो दिन और लगेंगे। इसके बाद रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
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- डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ
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